‘नो डिटेंशन पॉलिसी’ खत्म होने के मायने? 5वीं- 8वीं के छात्र अब होंगे फेल, जानें पैरेंट्स के रिएक्शन
शिक्षाविद चंद्रभूषण शर्मा ने कहा कि जल्दी-जल्दी में शिक्षा का अधिकार 2009 लागू किया गया था, यूपीए-2 में. इसको लेकर ज्यादा सोच-विचार नहीं किया गया था. ‘नो डिटेंशन’ ऐसे लागू नहीं होना था. इसके लिए शिक्षकों को तैयार करना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.