Rajinikanth Birthday: साउथ सुपरस्टार रजनीकांत का स्टाइल और उनके डायलॉग्स एक अलग ही पहचान देते हैं. उनके फैंस न सिर्फ देश में, बल्कि विदेश में भी हैं. लेकिन कभी वह बस कंडक्टर हुआ करते थे.
Day: December 13, 2025
एक्ट्रेस महिमा चौधरी की फिल्म ‘दुर्लभ प्रसाद की दूसरी शादी’ सेकंड चांस की थीम पर…
भारतीय फुटबॉल प्रेमियों का महान फुटबॉलर लियोनल मेसी को भारत की धरती पर देखने का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है.
बिहार विधानसभा चुनाव में राजद को मिली करारी हार ने पार्टी के भीतर असंतोष और नेतृत्व संकट को उजागर कर दिया है. तेजस्वी यादव के गायब रहने से नाराज़गी बढ़ी है, जबकि बीजेपी और जेडीयू इस मौके पर राजद पर तीखे हमले कर रहे हैं. यह हार बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत दे रही है.
गृह मंत्री अमित शाह ने श्री विजयपुरम में स्वातंत्र्यवीर सावरकर जी द्वारा रचित कविता ‘सागरा प्राण तळमळला’ के 115 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में कहा कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह आज सभी भारतवासियों के लिए एक तीर्थस्थान बन गया है क्योंकि यहां वीर सावरकर जी ने अपने जीवन के सबसे कठिन समय को बिताया है.
असम के सोनितपुर जिले की एक महिला को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोप है कि उसने दुबई में पाकिस्तानी नागरिक से गुप्त शादी की और विदेशी फंड के जरिए करोड़ों की संदिग्ध लेन-देन किए. जांच में 17 बैंक अकाउंट, 44 एटीएम कार्ड और पाकिस्तानी नेटवर्क से लिंक का खुलासा हुआ है.
सर्दियों की ठंडी हवाएं, बर्फ से ढकी पहाड़ियां और त्योहारों की रौनक के बीच उत्तराखंड के हिल स्टेशनों पर क्रिसमस और नए साल का जश्न शुरू हो चुका है. मसूरी, नैनीताल और औली में होटलों की एडवांस बुकिंग फुल होने लगी है.
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में प्राइवेट भागीदारी को अनुमति देने संबंधी प्रस्तावित विधेयक पर अपनी मुहर लगा दी. इसका उद्देश्य 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने के लक्ष्य को पूरा करना है.
इस मौके पर मणिपुर के राज्यपाल भी राष्ट्रपति मुर्मू के साथ थे. राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने कहा कि नुपी लाल सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं था, बल्कि महिलाओं के सामूहिक नेतृत्व और सामाजिक चेतना का एक शक्तिशाली प्रमाण था.
भाजपा ने हिंदुओं, विशेष रूप से नायर समुदाय के बीच अपना समर्थन बढ़ाया है और रोमन कैथोलिक समुदाय में भी पैठ बना रही है. हालांकि, लैटिन कैथोलिक, ईसाई नादर और मुसलमानों के बीच इसकी स्वीकार्यता अभी भी सीमित है.