23 जनवरी को सिनेमाघरों में सनी देओल की मचअवेटेड फिल्म बॉर्डर 2 रिलीज होने जा रही है. फिल्म का पॉपुलर गाना घर कब आओगे हाल ही में रिलीज हुआ है, जिसे फैंस का प्यार मिल रहा है.
Day: January 7, 2026
Kanpur News: पीड़िता गुड़िया की तहरीर पर पुलिस ने हत्या के प्रयास समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है. एडीसीपी अंजलि विश्वकर्मा ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो विशेष टीमें गठित की गई हैं और जल्द ही उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाएगा.
पर्यटकों ने भी कहा कि घाटी में अब हालात पूरी तरह सामान्य और सुरक्षित नजर आ रहे हैं और उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं हुई. पर्यटन विभाग हर जरूरी सुविधा उपलब्ध करा रहा है. एक महिला पर्यटक ने कहा कि कश्मीर हर मौसम में सुकून देता है.
अवैध घुसपैठिए ने बताया कि वह सभी धर्मों के बीच खामोशी से छिपकर रहता है. उसने कहा कि सरकार हिंदू-मुस्लिम को लड़वाने का काम करती है. हमारे क़ौम वाले कहते हैं इसको-उसको वोट दो, मैं सरदर्द नहीं पालता.
ईडी अब यह भी जांच कर रही है कि इन विदेशी यात्राओं का खर्च कहां से आया और क्या इसमें भी विदेशी फंडिंग का इस्तेमाल हुआ. ईडी को शक है कि सतत संपदा प्राइवेट लिमिटेड ने विदेशी फंड के मकसद को गलत तरीके से बताया और FEMA कानून का उल्लंघन किया.
सुप्रीम कोर्ट ने पुराने फैसले का हवाला देते हुए दोहराया कि यदि कोई आरक्षित श्रेणी का उम्मीदवार उम्र, कट-ऑफ या किसी अन्य रूप में रियायत लेता है, तो वह अनारक्षित श्रेणी में माइग्रेट नहीं कर सकता, जब तक कि नियम इसकी स्पष्ट अनुमति न दें.
Weather Update: 7 जनवरी को उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, बिहार, उत्तर प्रदेश में, 7-8 जनवरी के दौरान पूर्वी राजस्थान, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में शीत दिवस की स्थिति रहने की बहुत संभावना है.
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “पीएम मोदी के साथ मेरे बहुत अच्छे संबंध हैं, लेकिन वे मुझसे खुश नहीं हैं, क्योंकि भारत को भारी टैरिफ देना पड़ रहा है. लेकिन अब रूस से तेल खरीद कम करने की वजह से उनके टैरिफ में काफी कमी आई है.”
तुर्कमान गेट की तरफ़ बैरिकेडिंग के खिलाफ़ लोग नारेबाजी कर रहे है और बैरकिंग को तोड़ने की कोशिश कर रहे है. जिसके बाद पुलिस ने हल्का पुलिसबल का उपयोग कर लोगो को दूर किया.
जमानत पर सु्प्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी, कहा- शीघ्र सुनवाई का अधिकार अपराध की प्रकृति पर निर्भर नहीं
यदि राज्य या जांच एजेंसियां किसी आरोपी के त्वरित सुनवाई के अधिकार की रक्षा करने में असमर्थ हैं तो केवल अपराध की गंभीरता का आधार लेकर जमानत का विरोध नहीं किया जा सकता. अदालत ने कई मामलों का हवाला देते हुए कहा कि लंबी विचाराधीन कैद जमानत के पक्ष में निर्णायक कारक है.