June 19, 2026

Day: January 9, 2026

रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे सिस्टम का समय पर अपग्रेड जरूरी है, इसके लिये सेना हर हालात के लिए तैयार रहती है. निजी कंपनियों की भागीदारी से सपोर्ट मजबूत होगा.

अमेरिकी कांग्रेस की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, इस बिल का नाम “सैंक्शनिंग ऑफ रशिया एक्ट 2025” है. इसके कई प्रावधानों में से एक यह भी है कि रूस से अमेरिका में आयात होने वाले सभी वस्तुओं और सेवाओं पर टैरिफ को कम से कम 500% तक बढ़ाया जाए.

Iran Protest: राजधानी तेहरान की सड़कें आधी रात को आग से धधक उठीं. क्यों कि उग्र प्रदर्शनकारी न सिर्फ सड़क पर खड़ी कारों और बाइकों को आग में झोंक रहे थे बल्कि उन्होंने सरकारी दफ्तरों तक को नहीं छोड़ा

Maharashtra News: बीजेपी नेता अनिल ताटे और शिवसेना शाखा प्रमुख अजय सालवे के बीच यह बहस जल्द ही तीखी नोकझोंक में बदल गई. घटना के बाद दोनों पार्टियों के सैकड़ों कार्यकर्ता पुलिस स्टेशन के बाहर जमा हो गए, जिससे स्थिति काफी संवेदनशील बन गई.

Maharashtra Accident: हादसा इतना भीषण था कि कार पूरी तरह से चकनाचूर हो गई. सूचना मिलने के तुरंत बाद ग्रामीण पुलिस मौके पर पहुंची. बड़ी मशक्कत के बाद कार सवार लोगों को बाहर निकाला गया और सभी को अस्पताल भिजवाया गया.

Iran’s economic protests: ईरान में जनता का आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा, हर दिन यह और हिंसक रूप लेता जा रहा है. विरोध ईरान के सभी 31 प्रांतों के 111 शहरों और कस्बों में फैल गया है. कम से कम 34 प्रदर्शनकारी और 4 सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं.

Dhule Nagar Nigam Chunav 2026: धुले की इस सभा में ओवैसी के तीखे और आक्रामक भाषण ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है. महानगरपालिका चुनाव से पहले उनके बयानों को सत्ता पक्ष के खिलाफ खुली चुनौती के रूप में देखा जा रहा है.

इंटरनेट कंपनी नेटब्लॉक्स ने सोशल मीडिया पर एक बयान में कहा, “लाइव आंकड़ों से पता चलता है कि ईरान में राष्ट्रव्यापी इंटरनेट बंद है. यह घटना देश भर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को निशाना बनाकर अपनाई जा रही डिजिटल सेंसरशिप की बढ़ती कार्रवाई के बाद हुई है.

पुलिस ने कथित तौर पर गुमराह करने वाले ऑडियो मैसेज फैलाने के आरोप में कई व्हाट्सएप समूह को जांच के दायरे में रखा है, और कहा कि वे समाजवादी पार्टी के नेता मोहिबुल्लाह नदवी को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजने की योजना बना रहे हैं, जो कथित तौर पर मौके पर मौजूद थे.

यह कदम सेना के 1952 के उस नियम के मुताबिक है, जिसके तहत सैनिकों को उच्च अधिकारियों से आदेश के इंतजार के बिना हमलावरों पर हमला करने की जरूरत होती है.

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