हर की पौड़ी और आसपास के घाटों पर ऐसे कई लोग मिल जाते हैं जो सुबह 6 बजे से शाम 8 बजे तक पानी में उतरकर दान की गई वस्तुएं निकालते हैं. मौसम चाहे कड़ाके की ठंड का हो, भीषण गर्मी का या बारिश का, इन लोगों का काम कभी नहीं रुकता है.
Day: January 18, 2026
छोटे बदलाव, थोड़ी-सी सक्रियता और नियमित व्यायाम से न केवल शरीर बल्कि मन और आत्मा भी स्वस्थ रहते हैं. डिजिटल और तेज जिंदगी में भी ये आदतें अपनाकर आप बड़ी बीमारियों से खुद को बचा सकते हैं.
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि मौनी अमावस्या के मौके पर प्रयागराज माघ मेले के दौरान राज्य प्रशासन ने उन्हें संगम नोज की ओर जाने से रोक दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें संगम घाट जाते समय बीच रास्ते में रोक दिया. स्थिति यह हो गई कि मुझे और मेरे अनुयायियों को पवित्र स्नान किए बिना ही वापस अपने अखाड़े में लौटने के लिए मजबूर किया गया.
भाजपा के 22 उम्मीदवारों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि उनकी हार जनता के कारण नहीं, बल्कि नवनीत राणा की वजह से हुई है.
बिहार के कटिहार में निजी कोचिंग संस्थान के मालिक ने अपना नाम सबसे छिपा रखा था. आरोप है कि वह महिला छात्रों के साथ घूमता-फिरता था और उन्हें नेपाल तक ले जाता था. एक छात्रा ने कोचिंग संस्थान के मालिक के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.
फिल्म प्रोड्यूसर रमेश तौरानी ने शनिवार रात अपना 65वां बर्थडे सेलिब्रेट किया। यह एक ग्रैंड…
मुंबई एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने दो महिलाओं को पकड़कर अवैध सरोगेसी और एग डोनेशन से जुड़े अंतरराष्ट्रीय रैकेट का खुलासा किया. जांच में पता चला कि ‘एलीट केयर’ नाम की एजेंसी फर्जी वैवाहिक दस्तावेजों के आधार पर महिलाओं को विदेश भेजकर एग डोनेशन कराती थी.
मनाली की उझी घाटी के नौ गांव देव आदेश के तहत 42 दिन तक टीवी‑रेडियो जैसे सभी मनोरंजन साधनों से दूरी बनाए हुए हैं. आराध्य देवों की तपस्या के सम्मान में मंदिर की घंटियां और कपाट बंद हैं, और ग्रामीण सदियों पुरानी देव परंपरा निभाते हुए खेतों तक नहीं जा रहे हैं. देवताओं की वापसी पर उत्सव और भविष्यवाणी भी की जाएगी.
मनाली की उझी घाटी के नौ गांव देव आदेश के तहत 42 दिन तक टीवी‑रेडियो जैसे सभी मनोरंजन साधनों से दूरी बनाए हुए हैं. आराध्य देवों की तपस्या के सम्मान में मंदिर की घंटियां और कपाट बंद हैं, और ग्रामीण सदियों पुरानी देव परंपरा निभाते हुए खेतों तक नहीं जा रहे हैं. देवताओं की वापसी पर उत्सव और भविष्यवाणी भी की जाएगी.
अब तक केसर की खेती जम्मू-कश्मीर जैसे ठंडे और विशेष जलवायु वाले क्षेत्रों तक ही सीमित थी, क्योंकि इसके लिए खास तापमान और वातावरण की जरूरत होती है. लेकिन अब केसर की खेती बिहार में भी हो सकेगी.