April 7, 2025
सोना 1 लाख रुपये की ओर... क्या निवेश करना सही रहेगा? जानिए क्यों गोल्ड etf बना है बेस्ट इनवेस्टमेंट ऑप्शंस

सोना 1 लाख रुपये की ओर… क्या निवेश करना सही रहेगा? जानिए क्यों गोल्ड ETF बना है बेस्ट इनवेस्टमेंट ऑप्शंस​

Physical Gold Vs Gold ETFs: अगर आप सोने में सिर्फ इनवेस्टमेंट के मकसद से पैसा लगाना चाहते हैं और फिजिकल गोल्ड खरीदने की झंझट से बचना चाहते हैं, तो गोल्ड ETF (एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड) एक बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है.

Physical Gold Vs Gold ETFs: अगर आप सोने में सिर्फ इनवेस्टमेंट के मकसद से पैसा लगाना चाहते हैं और फिजिकल गोल्ड खरीदने की झंझट से बचना चाहते हैं, तो गोल्ड ETF (एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड) एक बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है.

Gold Investment Tips: भारत में सोने की कीमतें (Gold Prices) लगातार नए रिकॉर्ड बना रही हैं. हाल ही में दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 94,350 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गई. एक्सपर्ट का मानना है कि यह जल्द ही 1 लाख रुपये तक भी जा सकता है. वहीं, बीते दिन ग्लोबल मार्केट में भी सेफ हेवन एसेट गोल्ड 3,167.71 डॉलर प्रति औंस के नए शिखर पर पहुंच गया. अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी और बढ़ती आर्थिक चिंताओं के कारण सोने की मांग बढ़ी है, जिससे इसकी कीमतों में उछाल आया है.

क्या अभी और महंगा होगा सोना?

कमोडिटी मार्केट के एक्सपर्ट का कहना है कि आने वाले महीनों में सोने की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं. कोटक सिक्योरिटीज के अनुसार, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमत 94,700 रुपये तक पहुंच सकती है, जबकि कुछ एनालिस्ट का मानना है कि अगर बाजार में मौजूदा ट्रेंड बना रहा, तो यह 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आंकड़े को छू सकता है.

ऐसे में सवाल उठता है कि क्या यह सोने में निवेश करने का सही समय है? और अगर हां, तो फिजिकल गोल्ड खरीदना सही रहेगा या फिर डिजिटल इनवेस्टमेंट बेहतर रहेगा? आइए जानते हैं कुछ बेस्ट गोल्ड ETF के बारे में…

ज्यादातर लोगों को आज भी फिजिकल गोल्ड खरीदना पसंद

भारत में सोना सिर्फ एक इनवेस्टमेंट नहीं, बल्कि एक इमोशन है. सदियों से इसे समृद्धि और संपत्ति का प्रतीक माना जाता रहा है. शादी, त्योहारों और पारिवारिक समारोहों में सोने की खरीदारी को शुभ माना जाता है. यही वजह है कि भले ही सरकार ने सोने में निवेश के लिए नए ऑप्शंस लॉन्च किए हों, फिर भी ज्यादातर लोग आज भी फिजिकल गोल्ड खरीदने को ही प्राथमिकता देते हैं.

फिजिकल गोल्ड का एक फायदा यह है कि इसे जरूरत पड़ने पर आसानी से बेचा जा सकता है. लेकिन इसमें कुछ चुनौतियां भी हैं जैसे स्टोरेज करने की चिंता, चोरी का खतरा और मेकिंग चार्ज, जो कि सोने में किए गए निवेश के कुल रिटर्न को कम कर सकता है.

गोल्ड ETF का बढ़ता क्रेज

अगर आप सोने में सिर्फ इनवेस्टमेंट के मकसद से पैसा लगाना चाहते हैं और फिजिकल गोल्ड खरीदने की झंझट से बचना चाहते हैं, तो गोल्ड ETF (एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड) एक बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है. यह डिजिटल फॉर्म में होता है और शेयर बाजार में खरीदा-बेचा जा सकता है. इसकी कीमतें सोने के दामों से जुड़ी होती हैं, लेकिन इसमें स्टोरेज, चोरी या प्योरिटी की चिंता नहीं होतीं. इसे ऑनलाइन खरीदा और बेचा जा सकता है. यह ट्रांसपेरेंट इन्वेस्टमेंट है, जिसमें आपको मेकिंग चार्ज जैसा कोई एक्सट्रा चार्ज नहीं देना पड़ताहै.. इसकी लिक्विडिटी भी बेहतर होती है यानी जब भी आपको पैसे की जरूरत हो, आप इसे तुरंत बेच सकते हैं.

Gold ETF में निवेश के लिए डिमैट अकाउंट जरूरी

हालांकि, इसमें कुछ कमियां भी हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि गोल्ड ETF में निवेश करने के लिए डिमैट अकाउंट जरूरी होता है, जो हर किसी के पास नहीं होता. इसके अलावा, 12 महीने से ज्यादा होल्ड करने पर 12.5% लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स (LTCG) लागू होता है. साथ ही, चूंकि यह स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेड करता है, इसकी कीमतें मार्केट के डिमांड एंड सप्लाई पर निर्भर करती है, जिससे इसमें उतार-चढ़ाव बना रहता है.

फिजिकल गोल्ड या गोल्ड ETF…कहां करें निवेश ?

अगर आप सोने को गहने के रूप में पहनने या पारिवारिक विरासत के तौर पर रखना चाहते हैं, तो फिजिकल गोल्ड आपके लिए बेहतर रहेगा. लेकिन अगर आप सिर्फ निवेश के मकसद से सोना खरीद रहे हैं और लिक्विडिटी, सिक्योरिटी चाहते हैं, तो गोल्ड ETF बेहतर ऑप्शन है. इसमें निवेश करने से पहले “एक्सपेंस रेशियो” (फंड मैनेजमेंट का खर्च) जरूर देखें, क्योंकि यह जितना कम होगा, निवेशकों को उतना ज्यादा फायदा मिलेगा.

अगर आप गोल्ड ETF में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो यहां तीन ऐसे टॉप गोल्ड ETFs हैं, जिनका एक्सपेंस रेशियो सबसे कम है और जो लंबे समय में बेहतर रिटर्न दे सकते हैं.

Zerodha Gold ETF

यह उन निवेशकों के लिए एक बेहतरीन विकल्प हैजो कम खर्च में गोल्ड में निवेश करना चाहते हैं. इसका एक्सपेंस रेशियो सिर्फ 0.32% है, जो इसे अन्य फंड्स की तुलना में सस्ता बनाता है. इसे 26 फरवरी 2024 को लॉन्च किया गया था और इसमें निवेश का जोखिम उच्च (हाई) स्तर पर है. हालांकि, इसके रिटर्न की बात करें तो पिछले 1 साल में इसने 30.58% का शानदार रिटर्न दिया है, जो इसे एक आकर्षक इन्वेस्टमेंट ऑप्शन बनाता है.

Mirae Asset Gold ETF

यह निवेशकों के बीच एक लोकप्रिय ऑप्शन बनता जा रहा है. इसका एक्सपेंस रेशियो 0.34% है, जिससे यह एक किफायती इनवेस्टमेंट ऑप्शन बन जाता है. इसे 20 फरवरी 2023 को लॉन्च किया गया था और यह भी हाई रिस्क कैटेगरी में आता है. बीते 1 साल में इसने 30.54% का रिटर्न दिया है. सोने में निवेश के इच्छुक लोगों के लिए एक अच्छा विकल्प है.

LIC MF Gold ETF

यह एक पुराना और भरोसेमंद फंड है, जिसे 9 नवंबर 2011 को लॉन्च किया गया था. इसका एक्सपेंस रेशियो 0.41% है, जो ऊपर बताए गए दो फंड्स से थोड़ा ज्यादा है, लेकिन यह अब भी एक किफायती विकल्प माना जाता है. यह भी हाई रिस्क कैटेगरी में आता है, लेकिन इसके 1 साल के रिटर्न 29.48% रहे हैं. यह लॉन्ग टर्म गोल्ड इनवेस्टमेंट के लिए एक शानदार ऑप्शन है.

क्या सोने में निवेश का सही समय है?

सोना हमेशा से निवेशकों के लिए सुरक्षित एसेट माना गया है. एनालिस्ट्स का मानना है कि अगर मौजूदा ट्रेंड जारी रहा, तो सोने की कीमतें निकट भविष्य में 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती हैं. ऐसे में यह सोने में निवेश करने का अच्छा समय हो सकता है.

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