आधी सदी तक एक ही दफ्तर में खिदमत करने वाला शख्स और फिर एक दिन खामोशी से विदाई. न फेयरवेल, न सेपरेशन पैकेज. बस एक PIP और उसके बाद दरवाजा बंद. आखिर हुआ क्या? आधी सदी तक एक ही दफ्तर में खिदमत करने वाला शख्स और फिर एक दिन खामोशी से विदाई. न फेयरवेल, न सेपरेशन पैकेज. बस एक PIP और उसके बाद दरवाजा बंद. आखिर हुआ क्या? NDTV India – Latest
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