जांच और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी में पता चला कि आरोपी तीन समूहों में बंटे हुए थे और अलग-अलग गतिविधियों में शामिल थे. इनमें मौजूदा घटनाओं से जुड़े वास्तविक वीडियो क्लिप पोस्ट करना, एआई की मदद से नकली वीडियो बनाना, और सैन्य आक्रामकता करने वाले किसी देश की प्रशंसा करते हुए उसके नेतृत्व और सैन्य कार्रवाई का प्रचार करना शामिल है. जांच और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी में पता चला कि आरोपी तीन समूहों में बंटे हुए थे और अलग-अलग गतिविधियों में शामिल थे. इनमें मौजूदा घटनाओं से जुड़े वास्तविक वीडियो क्लिप पोस्ट करना, एआई की मदद से नकली वीडियो बनाना, और सैन्य आक्रामकता करने वाले किसी देश की प्रशंसा करते हुए उसके नेतृत्व और सैन्य कार्रवाई का प्रचार करना शामिल है. NDTV India – Latest
More Stories
राम मंदिर चंदा चोरी: गड़बड़ी की ऑडिट रिपोर्ट दबाकर ‘फ्रेशर’ को थमा दी थी तिजोरी की चाबी!
लंदन के पास बेडफोर्ड में दो ट्रेनों के बीच हुई टक्कर, कई लोगों के घायल होने की खबर: रिपोर्ट
कर्नाटक की गारंटी वाली योजनाओं में बदलाव की तैयारी, डीके शिवकुमार ने अधिकारियों के साथ की चर्चा