ईशान खट्टर, विशाल जेठवा,जाह्नवी कपूर स्टारर फिल्म होमबाउंड ऑस्कर 2026 के टॉप 15 फिल्मों में शामिल हो गई है। होमबाउंड को 98वें अकादमी अवार्ड में बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी की टॉप 15 शॉर्टलिस्ट फिल्मों में जगह मिली है। फिल्म के शॉर्टलिस्ट होने पर विशाल जेठवा ने अपनी खुशी जाहिर की है। विशाल ने अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा- ‘यह पल मेरे लिए किसी सपने जैसा है और बहुत ही विनम्र कर देने वाला है। होमबाउंड का शॉर्टलिस्ट होना और ऑस्कर की ओर आगे बढ़ना ऐसा कुछ है, जिसकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। दुनिया भर के दर्शकों से फिल्म को जो प्यार और समर्थन मिला है, उसके लिए मैं दिल से आभारी हूं।’ विशाल ने आगे कहा- ‘मैं करण जौहर सर का खास तौर पर धन्यवाद करना चाहता हूं, जिन्होंने इस कहानी और हम कलाकारों पर भरोसा किया। उनके सपने और सहयोग ने होमबाउंड को उड़ान दी। नीरज घायवान सर की संवेदनशीलता, ईमानदारी और साफ सोच ने मुझे ऐसे भावनात्मक पहलुओं को छूने का मौका दिया, जिन्हें मैंने पहले कभी नहीं छुआ था। उनके साथ काम करना मेरे लिए एक बदल देने वाला अनुभव रहा है। मैं ईशान खट्टर का भी शुक्रिया अदा करना चाहता हूं, जिनके जुनून और मेहनत ने हर सीन को और बेहतर बनाया। इस सफर में हमने एक-दूसरे से बहुत कुछ सीखा। यह सम्मान पूरी टीम का है, जिसने फिल्म में अपना दिल और मेहनत झोंक दी। ऑस्कर की शॉर्टलिस्ट में होमबाउंड का नाम शामिल होना इसकी बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहचान को और मजबूत करता है। यह मजबूत कहानी और टीमवर्क का सबूत है और वैश्विक मंच पर भारतीय सिनेमा के लिए एक अहम उपलब्धि है।’ बता दें कि इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में कुल 15 फिल्मों को चुना गया है। इनमें से आगे चलकर सिर्फ 5 फिल्मों को फाइनल नॉमिनेशन मिलेगा। इन नॉमिनेशन की घोषणा 22 जनवरी 2026 को की जाएगी। इसके बाद ऑस्कर अवॉर्ड्स का इवेंट 15 मार्च 2026 को होगा। वहीं, इस उपलब्धि से पहले फिल्म को कई फिल्म फेस्टिवल में सराहा जा चुका है। तीन महीने पहले हुए 50वें टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में फिल्म इंटरनेशनल पीपुल्स च्वाइस अवॉर्ड की दौड़ में दूसरे स्थान पर रही। इससे पहले लगभग चार महीने पहले ‘होमबाउंड’ को कांस प्रीमियर में 9 मिनट का स्टैंडिंग ओवेशन मिला था। इस साल कांस फिल्म फेस्टिवल में इंडिया की तरफ से ‘होमबाउंड’ एकमात्र फीचर फिल्म रही, जिसका वर्ल्ड प्रीमियर ‘अन सर्टेन रिगार्ड’ सेक्शन में किया गया था। फिल्म की कहानी की बात करें तो फिल्म में दो दोस्तों की कहानी है। जो छोटे से उत्तर भारतीय गांव से आते हैं और पुलिस की नौकरी की तलाश में हैं लेकिन जैसे-जैसे वे अपने सपने के करीब पहुंचते हैं, उनकी मुश्किलें बढ़ती जाती हैं। यह फिल्म एक सच्ची कहानी पर आधारित है, जिसका पहली बार जिक्र बशारत पीर ने 2020 के न्यूयॉर्क टाइम्स निबंध में किया था।बॉलीवुड | दैनिक भास्कर
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