सोशल मीडिया और दिमागी सेहत का आपस में सीधा कनेक्शन है। औसत रूप से बच्चे और युवा सोशल मीडिया पर 3 घंटे से ज्यादा समय हर रोज बिता रहे हैं। इससे उनमें डिप्रेशन और एंजाइटी का रिस्क भी दोगुना हो रहा है। सोशल मीडिया के एल्गोरिदम कुछ ऐसे हैं कि इंसान को इसकी लत लग जाती है। लेकिन इनको कंट्रोल करने के लिए कोई नियम-कानून नहीं है।
सोशल मीडिया और दिमागी सेहत का आपस में सीधा कनेक्शन है। औसत रूप से बच्चे और युवा सोशल मीडिया पर 3 घंटे से ज्यादा समय हर रोज बिता रहे हैं। इससे उनमें डिप्रेशन और एंजाइटी का रिस्क भी दोगुना हो रहा है। सोशल मीडिया के एल्गोरिदम कुछ ऐसे हैं कि इंसान को इसकी लत लग जाती है। लेकिन इनको कंट्रोल करने के लिए कोई नियम-कानून नहीं है।
More Stories
Revolt Motors ने लॉन्च की RV BlazeX इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल, लगभग 150 किलोमीटर की रेंज
Oppo Find N5 vs Xiaomi Mix Fold 4: जानें कौन सा फोन है बेस्ट
Honor 400 सीरीज में मिलेगा Qualcomm का यह धांसू प्रोसेसर! लॉन्च से पहले खुलासा