लोकसभा अध्यक्ष के इस कदम को एक नए प्रयोग और प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है.इसका कितना फायदा होगा यह तो वक्त बताएगा लेकिन उम्मीद की जानी चाहिए कि इससे सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच की करवाहट थोड़ी कम हो और संसद का सत्र चले. लोकसभा अध्यक्ष के इस कदम को एक नए प्रयोग और प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है.इसका कितना फायदा होगा यह तो वक्त बताएगा लेकिन उम्मीद की जानी चाहिए कि इससे सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच की करवाहट थोड़ी कम हो और संसद का सत्र चले. NDTV India – Latest
More Stories
कर्नाटक में विधायकों की क्रॉस वोटिंग पर BJP गंभीर, नितिन नबीन ने प्रदेश अध्यक्ष को किया तलब, बनाई जांच कमेटी
कोरोना फैलाने वाले चीन के वुहान लैब को अमेरिका के बड़े वैज्ञानिक ने की थी फंडिंग? हुआ बड़ा खुलासा
‘4 घंटे 41 मिनट में पटना से दिल्ली…’, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी गुड न्यूज, बोले – बुलेट ट्रेन पर जल्द शुरू होगा काम