लोकसभा अध्यक्ष के इस कदम को एक नए प्रयोग और प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है.इसका कितना फायदा होगा यह तो वक्त बताएगा लेकिन उम्मीद की जानी चाहिए कि इससे सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच की करवाहट थोड़ी कम हो और संसद का सत्र चले. लोकसभा अध्यक्ष के इस कदम को एक नए प्रयोग और प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है.इसका कितना फायदा होगा यह तो वक्त बताएगा लेकिन उम्मीद की जानी चाहिए कि इससे सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच की करवाहट थोड़ी कम हो और संसद का सत्र चले. NDTV India – Latest