राजनीतिक रूप से अलग होने के बावजूद, अजित पवार हमेशा अपने चाचा-चाची और भतीजी के बारे में बड़े स्नेह से बात करते थे. पहली बार तो वे पवार के कहने पर ही मूल एनसीपी में वापस लौटे थे. पवार उनके राजनीतिक आदर्श थे और उन्होंने राजनीति “साहब” के साथ रहकर सीखी थी. राजनीतिक रूप से अलग होने के बावजूद, अजित पवार हमेशा अपने चाचा-चाची और भतीजी के बारे में बड़े स्नेह से बात करते थे. पहली बार तो वे पवार के कहने पर ही मूल एनसीपी में वापस लौटे थे. पवार उनके राजनीतिक आदर्श थे और उन्होंने राजनीति “साहब” के साथ रहकर सीखी थी. NDTV India – Latest
More Stories
देव आनंद का दिया एक मौका बना इस बच्चे के लिए आशीर्वाद, बने बॉलीवुड के सुपरस्टार, आज बेटी भी है टॉप एक्ट्रेस
90s के बच्चों के लिए डर का दूसरा नाम था ये हॉरर शो, हर वीकेंड टीवी पर देता था दस्तक, बैकग्राउंड म्यूजिक से कांप जाती थी रूह
कोलकाता एयरपोर्ट पर अगरतला जा रही इंडिगो फ्लाइट पर गिरी आकाशीय बिजली, बाल-बाल बचे यात्री