डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “भारत, बहुत, बहुत सख्त. बहुत, बहुत सख्त. प्रधानमंत्री अभी-अभी गए हैं. वे मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं, लेकिन मैंने कहा, ‘आप मेरे दोस्त हैं, लेकिन आप हमारे साथ सही व्यवहार नहीं कर रहे हैं.’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 26 प्रतिशत ‘रियायती पारस्परिक शुल्क’ लगाने की घोषणा की है, जो भारत द्वारा अमेरिकी वस्तुओं पर लगाए गए 52 प्रतिशत शुल्क का आधा है. ट्रंप ने भारत को ‘बहुत, बहुत कठोर’ बताया है. ट्रंप ने व्हाइट हाउस के रोज गार्डन में कहा, “यह मुक्ति दिवस है, एक ऐसा दिन जिसका हम लंबे समय से इंतजार कर रहे थे. 2 अप्रैल 2025 को हमेशा उस दिन के रूप में याद किया जाएगा जिस दिन अमेरिकी इंडस्ट्री का पुनर्जन्म हुआ, जिस दिन अमेरिका ने नियति को पुनः प्राप्त किया और जिस दिन हमने अमेरिका को फिर से समृद्ध बनाना शुरू किया.” साथ ही उन्होंने कहा कि हम इसे अच्छा और समृद्ध बनाएंगे.
रोज गार्डन में अपने करीब एक घंटे के भाषण में ट्रंप ने दुनिया भर के विभिन्न देशों और उनके द्वारा अमेरिकी उत्पादों पर लगाए जाने वाले शुल्कों को सूची दिखाई और कहा कि दशकों से हमारे देश को निकट और दूर के देशों, मित्र और शत्रु दोनों ने ही लूटा है. अमेरिकी स्टीलवर्कर्स, ऑटो वर्कर्स, किसान और कुशल कारीगर… उन्हें वाकई काफी तकलीफ हुई. उन्होंने पीड़ा में देखा कि कैसे विदेशी नेता हमारी नौकरियां छीन रहे हैं. विदेशी धोखेबाजों ने हमारी फैक्ट्रियों में लूटपाट की और विदेशी सफाईकर्मियों ने हमारे खूबसूरत अमेरिकी सपने को तहस-नहस कर दिया.”
अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ ही फैक्ट्री और ऑटोमोटिव श्रमिकों के साथ ट्रंप ने दुनिया भर के देशों पर पारस्परिक टैरिफ लगाने वाले “ऐतिहासिक कार्यकारी आदेश” पर हस्ताक्षर किए.
ट्रंप ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच कहा, “पारस्परिक, इसका मतलब है कि वे हमारे साथ ऐसा करते हैं और हम उनके साथ ऐसा करते हैं. बहुत सरल. इससे सरल कुछ नहीं हो सकता.”
उन्होंने कहा, “मैं अपने वर्कर्स पर इतने सालों से हो रहे क्रूर हमलों के कुछ उदाहरण देना चाहता हूं. अमेरिका अन्य देशों से मोटरसाइकिलों पर केवल 2.4 प्रतिशत टैरिफ लगाता है. इस बीच थाईलैंड और अन्य देश बहुत अधिक दर वसूलते हैं, जैसे 60 प्रतिशत. भारत 70 प्रतिशत, वियतनाम 75 प्रतिशत और अन्य उससे भी अधिक शुल्क वसूलते हैं.
साथ ही ट्रंप ने कहा, “इसी तरह आज तक अमेरिका ने दशकों से 2.5 प्रतिशत टैरिफ लगाया है. ज़रा सोचिए विदेशी निर्मित ऑटोमोबाइल पर 2.5 प्रतिशत. यूरोपीय संघ हमसे 10 प्रतिशत से अधिक टैरिफ वसूलता है… भारत 70 प्रतिशत शुल्क लगाता है और शायद सबसे खराब स्थिति दक्षिण कोरिया, जापान और कई अन्य देशों द्वारा लगाए गए गैर-मौद्रिक प्रतिबंध हैं.”
टैरिफ की घोषणा करते समय ट्रंप ने एक चार्ट दिखाया जिसमें दिखाया गया था कि भारत, चीन, यूरोपीय संघ, जापान, ताइवान, दक्षिण कोरिया, बांग्लादेश, श्रीलंका और पाकिस्तान जैसे देश अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ लगाते हैं और इन देशों को अब पारस्परिक शुल्क देना होगा.
भारत के बारे में चार्ट से पता चला कि देश ने अमेरिका पर 52 प्रतिशत टैरिफ लगाया है, जिसमें “करंसी मैन्युपुलेशन और ट्रेड बैरियर्स शामिल हैं”. अमेरिका अब भारत पर 26 प्रतिशत “छूट वाला पारस्परिक टैरिफ” लगाएगा.
ट्रंप ने कहा, “भारत, बहुत, बहुत सख्त. बहुत, बहुत सख्त. प्रधानमंत्री अभी-अभी गए हैं. वे मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं, लेकिन मैंने कहा, ‘आप मेरे दोस्त हैं, लेकिन आप हमारे साथ सही व्यवहार नहीं कर रहे हैं.’ वे हमसे 52 प्रतिशत शुल्क लेते हैं. आपको समझना होगा, हम उनसे सालों-सालों और दशकों तक लगभग कुछ भी नहीं लेते हैं और यह केवल सात साल पहले की बात है, जब मैं सत्ता में आया, हमने चीन से शुरुआत की और हमने टैरिफ के रूप में चीन से सैकड़ों अरब डॉलर लिए.”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी में वाशिंगटन डीसी का दौरा किया था, ट्रंप के पद की शपथ लेने और राष्ट्रपति के रूप में व्हाइट हाउस में अपना दूसरा कार्यकाल शुरू करने के एक महीने से भी कम समय बाद.
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