केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि पिछले 5 सालों में मनरेगा के तहत ग्रामीण मजदूरों को औसतन सिर्फ 50.35 दिन का ही रोजगार मिल पाया है. यानी कागजों में 100 दिन की गारंटी. लेकिन जमीन पर हकीकत उससे आधी भी नहीं है. केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि पिछले 5 सालों में मनरेगा के तहत ग्रामीण मजदूरों को औसतन सिर्फ 50.35 दिन का ही रोजगार मिल पाया है. यानी कागजों में 100 दिन की गारंटी. लेकिन जमीन पर हकीकत उससे आधी भी नहीं है. NDTV India – Latest
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