Greater Noida High Rise Buildings News: अग्निशमन विभाग ने एक रोबोट फायर सहित 14 कैटेगरी के लगभग 100 उपकरणों का प्रस्ताव दिया है. इन उपकरणों को खरीदने पर 29.48 करोड़ रुपये खर्च होने का आकलन है.
Greater Noida High Rise Buildings News: ग्रेटर नोएडा की हाईराइज बिल्डिंगों में अब आग बुझाना आसान हो जाएगा. जिन जगहों पर फायर कर्मचारी नहीं पहुंच पाएंगे, वहां रोबोट आग बुझाएगा. फायर कर्मचारियों को अपनी जान जोखिम में नहीं डालनी पडे़गी. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण जल्द ही अग्निशमन विभाग को आग बुझाने के आधुनिक उपकरणों से लैस करने जा रहा है. प्राधिकरण बोर्ड से इसके लिए 29 मार्च को मंजूरी मिल चुकी है. टेंडर प्रक्रिया पूरी कर अग्निश्मन उपकरण खरीदने के लिए अग्निशमन विभाग और प्राधिकरण की तकनीकी समिति का गठन जल्द होने जा रहा है.
उत्तर प्रदेश अग्निशमन तथा आपात सेवा मुख्यालय लखनऊ की तरफ से 16 जनवरी 2025 को पत्र जारी किया गया, जिसमें अग्निशमन विभाग को फायर उपकरणों से लैस करने की बात कही गई है. इसके आधार पर अग्निशमन विभाग की तरफ से फायर उपकरणों की सूची बनाकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को उपलब्ध करायी गयी.
रोबोट की ग्रेटर नोएडा में क्यों जरूरत
दरअसल, ग्रेटर नोएडा में हाईराइज बिल्डिंगें बहुत हैं. घनी आबादी वाले क्षेत्र भी बहुत अधिक हैं. गांवों में संकरे रास्ते हैं. इन जगहों पर आगजनी की आशंका बनी रहती है. इसे देखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने सहमति दे दी और 29 मार्च को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड के समक्ष रखा. बोर्ड ने भी इस प्रस्ताव को मंजूर कर लिया और अग्निशमन विभाग को फायर उपकरण उपलब्ध कराने की अनुमति दे दी. अब टेंडर प्रक्रिया के जरिए अग्निशमन उपकरण खरीदने के लिए तकनीकी समिति जल्द ही गठित होने जा रही है.
नोएडा प्राधिकरण क्या खरीद रहा
अग्निशमन विभाग ने एक रोबोट फायर सहित 14 कैटेगरी के लगभग 100 उपकरणों का प्रस्ताव दिया है. इन उपकरणों को खरीदने पर 29.48 करोड़ रुपये खर्च होने का आकलन है. अग्निशमन विभाग ने रोबोट फायर खरीदने की सिफारिश की है. रोबोट फायर उन जगहों पर भी आगजनी से निपटने में सक्षम होगा, जहां पर अग्निशमन कर्मी नहीं पहुंच सकते. वहीं फोम टेंडर केमिकल्स और अन्य तरल पदार्थों में लगी आग से निपटने में कारगर होगा. हाईराइज फायर फाइटिंग व्हीकल 120 मीटर तक की ऊंचाई होने पर आगजनी से निपटने के लिए 150 बार प्रेशर के साथ पानी की आपूर्ति करने में सक्षम है. इसी तरह वाटर टेंडर के जरिए 80 मीटर तक बहुमंजिला इमारतों में लगी आग से निपटने में मदद मिलेगी. ग्रेटर नोएडा में हाईराइज बिल्डिंगों को देखते हुए ये उपकरण बहुत ही उपयोगी हैं. वाटर मिस्ट के जरिए बिजली के ट्रांसफॉर्मर, किचन, गैस सिलेंडर, कार में लगी आग से निपटने में उपयोगी हैं. कटिंग टूल आगजनी में फंसे लोगों को बचाने के लिए लोहे को काटने के काम आएगा. प्रॉक्सिमिटी सूट और केमिकल सूट से तापयुक्त एवं केमिकल की आग से निपटने के लिए इस्तेमाल होगा. कार्बन कंपोजिट सिलेंडर धुएं युक्त वातावरण में भी फायर कर्मी लंबे समय तक बचाव कार्य कर सकेंगे.
उपकरण | संख्या |
रोबोट फायर | 1 |
फोम टेंडर | 4 |
हाइराइज फायर फाइटिंग व्हीकल | 4 |
वाटर बाउजर | 4 |
वाटर टेंडर (5000 लीटर) | 4 |
वाटर टेंडर (2500 लीटर) | 4 |
वाटर मिस्ट | 4 |
कटिंग टूल्स, कॉम्बी टूल्स स्पेडर करंट | 2 |
प्रॉक्सीमिटी सूट | 20 |
कैमिकल सूट/हैजमेट सूट | 8 |
ब्रीदिंग ऑपरेट सेट | 20 |
कार्बन कंपोजिट सिलेंडर | 20 |
एलमोनाइज सूट | 4 |
एलमोनाइज सूट 300 डिग्री तापमान होने पर भी रेस्क्यू करने के लिए उपयोगी है. लंबी अवधि तक आगजनी से निपटने के लिए पानी की आपूर्ति करने में वाटर बाउजर ही कारगर हैं. जंपिंग कुशन निकास मार्गों के अवरुद्ध होने पर अंदर फंसे व्यक्तियों को निकालने में उपयोगी हैं. बिजली के पोल और पानी की टंकी पर चढ़े व्यक्ति को बचाने में भी यह बहुत कारगर है. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने सभी औपचारिकता पूरी कर इन उपकरणों को शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं.
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