June 19, 2026

चार्ल्स डिकेन्स’ की एक किताब जिसने क्रिसमस को इंसानियत का त्योहार बना डाला​

कहानी का केंद्र है एबेनेजर स्क्रूज, एक ऐसा व्यक्ति जिसके लिए पैसे के अलावा कुछ भी मायने नहीं रखता. क्रिसमस जैसे त्योहार से उसे नफरत है, गरीबों की मदद को वह बेवकूफी मानता है और इंसानी रिश्तों को समय की बर्बादी. डिकेन्स ने स्क्रूज के चरित्र के जरिए उस समाज का चेहरा दिखाया जो तरक्की की दौड़ में संवेदना खो रहा था. लेकिन यह किताब सिर्फ आलोचना नहीं थी, बल्कि बदलाव की उम्मीद भी थी.

कहानी का केंद्र है एबेनेजर स्क्रूज, एक ऐसा व्यक्ति जिसके लिए पैसे के अलावा कुछ भी मायने नहीं रखता. क्रिसमस जैसे त्योहार से उसे नफरत है, गरीबों की मदद को वह बेवकूफी मानता है और इंसानी रिश्तों को समय की बर्बादी. डिकेन्स ने स्क्रूज के चरित्र के जरिए उस समाज का चेहरा दिखाया जो तरक्की की दौड़ में संवेदना खो रहा था. लेकिन यह किताब सिर्फ आलोचना नहीं थी, बल्कि बदलाव की उम्मीद भी थी. कहानी का केंद्र है एबेनेजर स्क्रूज, एक ऐसा व्यक्ति जिसके लिए पैसे के अलावा कुछ भी मायने नहीं रखता. क्रिसमस जैसे त्योहार से उसे नफरत है, गरीबों की मदद को वह बेवकूफी मानता है और इंसानी रिश्तों को समय की बर्बादी. डिकेन्स ने स्क्रूज के चरित्र के जरिए उस समाज का चेहरा दिखाया जो तरक्की की दौड़ में संवेदना खो रहा था. लेकिन यह किताब सिर्फ आलोचना नहीं थी, बल्कि बदलाव की उम्मीद भी थी. NDTV India – Latest

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