आज जब सिनेमा ज्यादातर तकनीक और चमक-दमक में खोता जा रहा है, वहीं ‘छठ’ जैसी फ़िल्में हमें इंसान और रिश्तों की सादगी की याद दिलाती हैं. यह फिल्म बताती है कि अच्छा सिनेमा हमेशा दिल से निकली सच्ची कहानियों में बसता है. आज जब सिनेमा ज्यादातर तकनीक और चमक-दमक में खोता जा रहा है, वहीं ‘छठ’ जैसी फ़िल्में हमें इंसान और रिश्तों की सादगी की याद दिलाती हैं. यह फिल्म बताती है कि अच्छा सिनेमा हमेशा दिल से निकली सच्ची कहानियों में बसता है. NDTV India – Latest