अन्नामलाई पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं. उन्हें सत्तारूढ़ DMK के सबसे कट्टर आलोचकों में माना जाता है. 2021 में अन्नामलाई को प्रदेशाध्यक्ष बनाने का भाजपा को तमिलनाडु में कुछ खास चुनावी लाभ नहीं हुआ है.
तमिलनाडु भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के अन्नामलाई को हटाए जाने की अटकलें जोरों पर है. ऐसे में खुद अन्नामलाई ने इन अटकलों को हवा देते हुए कहा है कि वह पार्टी के अगले प्रदेशाध्यक्ष की दौड़ में नहीं हैं. भाजपा सूत्रों ने बताया कि AIADMK प्रमुख एडापड्डी के पलानीस्वामी ने अगले साल होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के साथ फिर से गठबंधन के लिए पहले अन्नामलाई को हटाने की शर्त रखी है. अन्नामलाई ने AIADMK नेताओं की आलोचना की थी, जिसे 2023 में पार्टी द्वारा भाजपा के साथ संबंध तोड़ने के प्रमुख कारण के रूप में देखा गया.
कोयंबटूर में शुक्रवार को एक सवाल का जवाब देते हुए अन्नामलाई ने कहा, “मैं तमिलनाडु भाजपा का अगला अध्यक्ष बनने की दौड़ में नहीं हूं. हालांकि 2021 में अन्नामलाई को प्रदेशाध्यक्ष बनाने का भाजपा को तमिलनाडु में कुछ खास चुनावी लाभ नहीं हुआ है. हालांंकि 40 साल के अन्नामलाई को पार्टी को और प्रदेश में ज्यादा पहचान देने का श्रेय दिया जाता है. यह एक ऐसे राज्य में बेहद महत्वपूर्ण है, जो पार्टी के लिए लगभग अभेद्य साबित हुआ है.
DMK के कट्टर आलोचकों हैं अन्नामलाई
अन्नामलाई पूर्व आईपीएस अधिकारी, इंजीनियर और एमबीए है. उन्हें सत्तारूढ़ DMK के सबसे कट्टर आलोचकों में माना जाता है. उन्होंने पिछले साल दिसंबर में चेन्नई के अन्ना विश्वविद्यालय की एक छात्रा के साथ बलात्कार के बाद DMK के खिलाफ बड़े विरोध प्रदर्शन की शुरुआत करने के लिए खुद को छह बार कोड़े मारने पर देशव्यापी सुर्खियां बटोरी थीं.
उन्होंने कहा था, “तमिल संस्कृति को समझने वाला कोई भी व्यक्ति इसे समझ सकता है. खुद को कोड़े मारना, खुद को सजा देना, यह इस संस्कृति का हिस्सा है… यह विरोध किसी खास व्यक्ति या चीज के खिलाफ नहीं है, यह राज्य में हो रहे लगातार अन्याय के खिलाफ है.”
अन्नामलाई को सजा या प्रमोशन?
भाजपा सूत्रों ने कहा कि अन्नामलाई को बताया जाएगा कि उनका हटाया जाना कोई सजा नहीं बल्कि राज्य में पार्टी के विस्तार का एक प्रयास है. साथ ही पार्टी या केंद्र सरकार में उनके लिए बड़ी भूमिका की संभावना से इनकार नहीं किया गया है. अन्नामलाई के पूर्ववर्ती एल मुरुगन को भी भाजपा की तमिलनाडु इकाई के प्रमुख पद से हटाए जाने के बाद केंद्रीय मंत्री बनाया गया था.
सूत्रों ने बताया कि पिछले महीने जब पलानीस्वामी ने नई दिल्ली में भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी तो उन्होंने पार्टी के साथ फिर से गठबंधन करने के लिए अन्नामलाई को हटाने की शर्त रखी थी. AIADMK को लगता है कि अन्नामलाई ने राज्य गठबंधन में उनकी प्रमुखता को कम करने के साथ ही भाजपा और खुद को तमिलनाडु में प्रमुख विपक्ष के रूप में पेश करने की कोशिश की है. अन्नामलाई ने AIADMK नेताओं की आलोचना की, जिससे चीजें और खराब हो गईं.
यह कारण भी अन्नामलाई के खिलाफ
अन्नामलाई के खिलाफ काम करने वाला एक और कारण यह है कि वह गौंडर समुदाय से आते हैं, जिससे पलानीस्वामी भी आते हैं. भाजपा विधानसभा चुनावों में बेहतर मौका पाने के लिए जातिगत समीकरणों को संतुलित करने की कोशिश कर सकती है. अन्नामलाई मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं और AIADMK उन्हें पलानीस्वामी के लिए सीधे चुनौती के रूप में देख रही है.
पलानीस्वामी रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तमिलनाडु यात्रा के दौरान उनसे मुलाकात कर सकते हैं. इस यात्रा के दौरान रामेश्वरम को मुख्य भूमि से जोड़ने वाले पंबन रेलवे पुल का उद्घाटन किया जाएगा. इस यात्रा के दौरान गठबंधन पर बातचीत होने की उम्मीद है और उसके बाद भाजपा के नए अध्यक्ष की घोषणा की जा सकती है.
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