मौत से पहले दर्ज बयान की वीडियो रिकॉर्डिंग भी न्यायालय को सौंपी गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने स्पीडी ट्रायल के तहत सुनवाई पूरी की. करीब 30 दिनों के भीतर आठ गवाहों के बयान दर्ज कर फैसला सुनाया गया. मौत से पहले दर्ज बयान की वीडियो रिकॉर्डिंग भी न्यायालय को सौंपी गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने स्पीडी ट्रायल के तहत सुनवाई पूरी की. करीब 30 दिनों के भीतर आठ गवाहों के बयान दर्ज कर फैसला सुनाया गया. NDTV India – Latest
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