उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में गंगा के बेसिन में तेल और प्राकृतिक गैस का भंडार मिलने की संभावना है. इसके लिए तेल एवं प्राकृतिक गैस आयोग ने तैयारी शुरू कर दी है. उसने मशहूर स्वतंत्रता सेनानी चित्तू पांडे के परिवार की 12 बीघा जमीन का अधिग्रहण किया है.
उत्तर प्रदेश में गंगा बेसिन में बलिया के सागरपाली में तेल का भंडार मिला है.तेल और प्राकृतिक गैस आयोग (ओएनजीसी) ने शेरे बलिया के नाम से मशहूर स्वतंत्रता सेनानी चित्तू पांडे के परिवार की 12 बीघा जमीन तीन साल के लिए अधिग्रहित की है. पांडे के परिवार का कहना है कि उन्होंने देशहित में अपनी जमीन ओएनजीसी को दी है. ओएनजीसी ने इस इलाके में खुदाई भी शुरू कर दी है. बलिया के इस इलाके में तेल और गैस मिलने की संभावना से इलाके के लोग काफी खुश हैं. उनमें अब विकास की आस जगी है.
ओएनजीसी को किस लिए दी है जमीन
चित्तू पांडे के प्रपौत्र विनय पांडे ने बताया कि उनके परिवार कि करीब 12 बीघा जमीन का अधिग्रहण तीन साल के लिए ओएनजीसी ने किया है.ओएनजीसी इसके लिए एक लाख 25 हजार रुपये प्रति एकड़ का दर तय किया है. उन्होंने बताया कि उनके परिवार ने देशहित को देखते हुए जमीन ओएनजीसी को किराए पर दी है. क्योंकि अगर यहां तेल या प्राकृतिक गैस का भंडार मिलता है तो वह देश के हित में होगा. इससे देश का विकास होगा. उन्होंने कहा कि ओएनजीसी जितना किराया दे रही है, उससे अधिक की पैदावर उस जमीन पर होती है. लेकिन हमारे परिवार ने देशहित में जमीन को ओएनजीसी को देने का फैसला किया.

चित्तू पांडेय के प्रपौत्र विनय पांडेय का कहना है कि उन्होंने देशहित में अपनी जमीन ओएनजीसी को दी है.
बलिया में गंगा बेसिन क्षेत्र के सागरपाली में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का भंडार मिलने की संभावना है. इसके बाद ओएनजीसी ने वहां खुदाई शुरू कर दी है. ओएनजीसी ने सागरपाली क्षेत्र के वैना ग्राम सभा में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी चित्तू पांडे के परिजनों की 12 बीघा जमीन का अधिग्रहण किया है. ओएनजीसी ने पहले साल के लिए जमीन के किराए का भुगतान कर दिया है.
गांव वालों को किस बात की है उम्मीद
इस भूभाग पर ओएनजीसी 3000 मीटर गहरी खुदाई करेगा. पांडे ने बताया कि करीब छह महीना पहले ओएनजीसी ने उनके परिवार से संपर्क किया था. ओएनजीसी ने उन्हें बताया था कि इस क्षेत्र में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का भंडार मिलने की संभावना है, जिसकी खुदाई के लिए जमीन चाहिए. ओएनजीसी ने उस जमीन का तीन साल के लिए अधिग्रहण किया है.
कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस मिलने की संभावना के बाद ग्रामीण भी काफी खुश नजर आ रहे हैं. जिस जगह पर खुदाई हो रही है, वहां के ग्राम प्रधान महेश यादव का कहना है कि इस क्षेत्र का करीब आठ किलोमीटर का एरिया गंगा नदी का क्षेत्र है. इस क्षेत्र में तेल मिलने की संभावना के बाद लोग इस बात के लिए काफी खुश हैं कि अगर तेल निकल गया तो क्षेत्र के विकास के साथ-साथ बलिया का भी विकास होगा.
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