अमेरिकी उपनिवेशों में यह भावना तेज़ी से फैलने लगी—“ नो टैक्सेशन विदआउट रिप्रेजेंटेशन”, यानी बिना प्रतिनिधित्व के कर स्वीकार नहीं. बोस्टन इस असंतोष का केंद्र बन चुका था. जब ब्रिटिश जहाज ‘डार्टमाउथ’, ‘एलेनोर’ और ‘बीवर’ बोस्टन बंदरगाह पर चाय से लदे पहुंचे, तो स्थानीय लोगों ने चाय उतारने से इनकार कर दिया. अमेरिकी उपनिवेशों में यह भावना तेज़ी से फैलने लगी—“ नो टैक्सेशन विदआउट रिप्रेजेंटेशन”, यानी बिना प्रतिनिधित्व के कर स्वीकार नहीं. बोस्टन इस असंतोष का केंद्र बन चुका था. जब ब्रिटिश जहाज ‘डार्टमाउथ’, ‘एलेनोर’ और ‘बीवर’ बोस्टन बंदरगाह पर चाय से लदे पहुंचे, तो स्थानीय लोगों ने चाय उतारने से इनकार कर दिया. NDTV India – Latest
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