सुनेत्रा पवार के कंधों पर अब केवल सरकार की नहीं, बल्कि अजित गुट के अस्तित्व को बचाने की भी भारी जिम्मेदारी है पर सवाल उठ रहे हैं की क्या दिल्ली तय करेगी “घड़ी” की चाल क्या हो? सवाल ये भी है कि क्या दोनों एनसीपी का विलय तभी होगा जब बीजेपी चाहेगी? सुनेत्रा पवार के कंधों पर अब केवल सरकार की नहीं, बल्कि अजित गुट के अस्तित्व को बचाने की भी भारी जिम्मेदारी है पर सवाल उठ रहे हैं की क्या दिल्ली तय करेगी “घड़ी” की चाल क्या हो? सवाल ये भी है कि क्या दोनों एनसीपी का विलय तभी होगा जब बीजेपी चाहेगी? NDTV India – Latest