गीता प्रेस के साथ आरती संग्रह वितरण की शुरुआत के साथ ही अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी ने भारतीय आध्यात्मिकता के प्रचार-प्रसार का संकल्प लिया है. इस सांस्कृतिक यात्रा में इस संकल्प के तहत आरती संग्रह की 1 करोड़ प्रतियां बांटने का लक्ष्य रखा गया है.
महाकुंभ 2025 श्रृद्धालुओं के उत्साह के मामले में रोज नए रिकॉर्ड तोड़ रहा है. वहीं, देशभर के उद्योगपति भी कुंभ मेले में आने वाले श्रृद्धालुओं की सेवा में लगे हैं. ऐसा ही काम देश के अग्रणी उद्योगपति गौतम अदाणी 101 साल पुराने संगठन के साथ मिल कर कर रहे हैं. उस संगठन का नाम है गीता प्रेस. गीता प्रेस दुनियाभर में हिंदू धर्म से जुड़े साहित्य के प्रकाशन और प्रचार-प्रसार का सबसे बड़ा संगठन है. गीता प्रेस और अदाणी समहू मिल कर श्रृद्धालुओं को मुफ्त में आरती संग्रह उपहार स्वरूप दे रहे हैं. इस आरती संग्रह का वितरण महाकुंभ मेला क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर वैन और स्टॉल लगाकर किया जा रहा है. मेला क्षेत्र में 10 मोबाइल वैन आरती संग्रह वितरण के कार्य में लगी हैं.
गीता समूह और गौतम अदाणी आए साथ
साल 1923 में उर्दू बाजार गोरखपुर उत्तर प्रदेश में 10 रुपये महीने के किराए पर एक कमरा लिया गया और वहीं से शुरू हुआ गीता प्रेस का सफर गया. धीरे-धीरे गीताप्रेस का निर्माण हुआ और इसकी वजह से न सिर्फ हिंदू संस्कृति बल्कि पूरे विश्व में गोरखपुर को एक अलग पहचान मिली. 29 अप्रैल, 1955 को भारत के तत्कालीन व प्रथम राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद ने गीताप्रेस भवन के मुख्य द्वार व लीला चित्र मंदिर का उद्घाटन किया था. चार जून, 2022 को तत्कालीन राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने गीताप्रेस में शताब्दी वर्ष समारोह का शुभारंभ किया था.
गीता प्रेस के साथ आरती संग्रह वितरण की शुरुआत के साथ ही अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी ने भारतीय आध्यात्मिकता के प्रचार-प्रसार का संकल्प लिया है. इस सांस्कृतिक यात्रा में इस संकल्प के तहत आरती संग्रह की 1 करोड़ प्रतियां बांटने का लक्ष्य रखा गया है. इस आरती संग्रह में देवी-देवताओं की 102 आरतियां शामिल हैं. इसमें वैदिक आरतियां, गणेश, ब्रह्मा, विष्णु, महेश, लक्ष्मी-नारायण, दशावतार, श्रीराम, कृष्ण, दुर्गा आदि की आरती शामिल है. गीताप्रेस तीन प्रकार की आरती संग्रह पुस्तकें प्रकाशित करता है.
महाकुंभ में श्रृद्धालुओं की सेवा में लगा है अदाणी ग्रुप
महाकुंभ के सेक्टर-19 में अदाणी समूह ने इस्कॉन के साथ मिलकर 40 स्थानों पर महाप्रसाद वितरण की व्यवस्था की है. यहां हर दिन तकरीबन 1 लाख श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं. असहाय, दिव्यांग, बुजुर्ग और छोटे बच्चों वाली माताओं के लिए मुफ्त गोल्फ कार्ट सेवा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे श्रद्धालुओं को त्रिवेणी स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होने में आसानी हो रही है.
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