नितिन नबीन ने भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद अपने पहले संबोधन में कहा कि हम ऐसे राजनीतिक दल से जुड़े हैं, जहां राजनीति सत्ता नहीं, साधना है. राजनीति भोग नहीं, त्याग है. राजनीति ऐशो-आराम नहीं, तपस्या है. राजनीति कोई पदभार नहीं, उत्तरदायित्व है. नितिन नबीन ने भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद अपने पहले संबोधन में कहा कि हम ऐसे राजनीतिक दल से जुड़े हैं, जहां राजनीति सत्ता नहीं, साधना है. राजनीति भोग नहीं, त्याग है. राजनीति ऐशो-आराम नहीं, तपस्या है. राजनीति कोई पदभार नहीं, उत्तरदायित्व है. NDTV India – Latest
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