राष्ट्रों को ऐसे मंचों की जरूरत है, जो विविध दृष्टिकोणों को एक साथ ला सकें : प्रणव अदाणी​

 जैसे-जैसे भारत आर्थिक शक्ति और वैश्विक प्रभाव में वृद्धि कर रहा है, उसे सोचने, सवाल करने, पूर्वानुमान लगाने और तैयारी करने की अपनी क्षमता में भी निवेश करना चाहिए. पिछले एक वर्ष में, भारत के भविष्य में मेरा विश्वास और भी मजबूत हुआ है. हमारी अर्थव्यवस्था का निरंतर विस्तार हो रहा है. जैसे-जैसे भारत आर्थिक शक्ति और वैश्विक प्रभाव में वृद्धि कर रहा है, उसे सोचने, सवाल करने, पूर्वानुमान लगाने और तैयारी करने की अपनी क्षमता में भी निवेश करना चाहिए. पिछले एक वर्ष में, भारत के भविष्य में मेरा विश्वास और भी मजबूत हुआ है. हमारी अर्थव्यवस्था का निरंतर विस्तार हो रहा है. NDTV India – Latest