संसद में बुधवार वक्फ संशोधन विधेयक, 2024 पेश किया जाएगा. केंद्र सरकार की तरफ से वक्फ बोर्ड की शक्तियों को नियंत्रित करने और संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता लाने के लिए इसे लाया गया है. सरकार और विपक्ष दोनों ने इस मुद्दे पर अपनी कमर कस ली है, जिससे संसद में तीखी बहस और हंगामे की संभावना जताई जा रही है. आज पूरे दिन संसद में क्या-क्या होगा और वक्फ बिल को लेकर देश भर में क्या चल रहा है आइए जानते हैं.
दोपहर 12 बजे पेश किया जाएगा वक्फ संशोधन बिल: लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल आज दोपहर 12 बजे पेश होगा. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस पर चर्चा के लिए 8 घंटे का समय निर्धारित किया है. हालांकि, विपक्ष ने 12 घंटे की मांग की थी, जिसे सरकार ने ठुकरा दिया. इसके बाद बिल को लोकसभा में पारित करने की प्रक्रिया शुरू होगी.
सरकार की तरफ से क्या है तैयारी: सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी इस बिल को पास कराने के लिए पूरी तरह तैयार है. बीजेपी ने अपने सभी सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया है, जिसके तहत उन्हें आज सदन में मौजूद रहना अनिवार्य है. सूत्रों के मुताबिक, सरकार इसे बजट सत्र के समापन से पहले, यानी 4 अप्रैल तक, दोनों सदनों से पारित कराने की कोशिश में है.
विपक्ष का क्या है रुख: विपक्षी दल, खासकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा), और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM), इस बिल का कड़ा विरोध कर रहे हैं. विपक्ष इसे असंवैधानिक और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हमला बता रहा है. AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि यह बिल मुस्लिम समुदाय को कमजोर करने की साजिश है.
आज संसद में क्या होगा: संसद में आज सुबह 11 बजे से सत्र शुरू होगा. दोपहर 12 बजे बिल पेश होने के बाद तुरंत चर्चा शुरू होगी. विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी की संभावना है, जिसके चलते कार्यवाही में व्यवधान हो सकता है. शाम तक चर्चा पूरी होने के बाद मतदान की प्रक्रिया शुरू होगी.
बिल की क्या है मुख्य बातें: वक्फ संशोधन बिल में 44 संशोधन प्रस्तावित हैं. इसमें वक्फ बोर्ड की असीमित शक्तियों को कम करना, गैर-मुस्लिम सदस्यों को बोर्ड में शामिल करना, और संपत्ति विवादों के निपटारे के लिए कलेक्टर को अधिकार देना शामिल है. सरकार का दावा है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और मुस्लिम महिलाओं को फायदा होगा.
राजनीतिक दलों के क्या हैं समीकरण: लोकसभा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के पास 293 सांसद हैं, जिसमें बीजेपी के 240 सांसद शामिल हैं. सहयोगी दलों जैसे जनता दल (यूनाइटेड) (जेडीयू) के 12 और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के 16 सांसद हैं.
विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक के क्या हैं हालत: इंडिया ब्लॉक के पास लोकसभा में 233 सांसद हैं, जिसमें कांग्रेस के 99, सपा के 37, और तृणमूल कांग्रेस के 29 सांसद शामिल हैं. विपक्ष की रणनीति बिल को रोकने की है.
जेपीसी में क्यों नहीं बनी बात: बिल को पहले जेपीसी को भेजा गया था, जिसने 14 संशोधनों को मंजूरी दी थी. जेपीसी की रिपोर्ट पर विपक्ष ने असहमति जताई थी, दावा किया कि उनके सुझावों को नजरअंदाज किया गया. सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह प्रक्रिया पारदर्शी रही है.
बिल के पास होने से क्या-क्या होंगे बदलाव: अगर बिल पास हो जाता है, तो यह वक्फ बोर्ड के कामकाज में बड़ा बदलाव लाएगा. सरकार इसे मुस्लिम समाज के हित में बता रही है, जबकि विपक्ष इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला करार दे रहा है. आज का दिन संसद में नंबर गेम और राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन होगा, जिसमें एनडीए की जीत की संभावना प्रबल दिख रही है.
राज्यसभा में क्या है स्थिति: राज्यसभा में एनडीए के पास 115 सांसद हैं, जिसमें बीजेपी के 98 शामिल हैं. 6 मनोनीत सांसद भी आमतौर पर सरकार के पक्ष में वोट करते हैं. विपक्ष के पास 85 सांसद हैं, जिसमें कांग्रेस के 27 और अन्य सहयोगियों के 58 शामिल हैं. बिल को राज्यसभा में 3 अप्रैल को पेश किया जाएगा.
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