कांग्रेस की तरफ से गौरव गोगोई, मोहम्मद जावेद,इमरान मसूद पार्टी का पक्ष रखेंगे. वहीं समाजवादी पार्टी की तरफ से अखिलेश यादव,मोहिबुल्लाह नदवी,इकरा हसन पार्टी का पक्ष रखेगी. एनडीए के घटक दलों में लोजपा से अरुण भारती, जदयू से लल्लन सिंह पार्टी का पक्ष सदन में रखेंगे.
वक्फ (संशोधन) विधेयक पर लोकसभा में बहस की शुरुआत हो गई है. विधेयक पर बहस के लिए स्पीकर ओम बिरला ने 8 घंटे का समय निर्धारित किया है. जहां सत्ता पक्ष के सांसद बिल का समर्थन कर रहे हैं, वहीं विपक्ष इसका कड़ा विरोध कर रहा है. कांग्रेस ने इस विधेयक का कड़ा विरोध करने का ऐलान किया है.
किरेन रिजिजू और कांग्रेस नेता गौरव गोगोई के बीच तीखी नोंकझोंक
वक्फ बिल पर संसद में बहस के दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और कांग्रेस नेता गौरव गोगोई के बीच तीखी नोंकझोंक देखने को मिली. गौरव गोगोई जब अपनी बात रख रहे थे तो उन्होंने किरेन रिजिजू पर सदन को मिसलीड करने का आरोप लगाया है. जिसके बाद मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि आपने जो आरोप लगाया है कि मैंने मिसलीड किया है तो आप ये बताइए कि मैंने कौन सा पॉइन्ट मिसलीड किया है. आपको तर्क बताना होगा कि कहां मैंने मिसलीड किया है. पलटवार करते हुए कांग्रेस के गौरव गोगोई ने कहा कि मंत्री ने जो 2013 के कांग्रेस गवर्नमेंट के बारे में कहा वो पूरा का पूरा मिसलीड है झूठ है. इन्होंने बार-बार मिसलीड किया है. इसलिए हम भी अपनी बात रखेंगे कृपया आप भी सुनने की ताकत रखिए.
किरेन रिजिजू ने वक्फ बिल पर क्या कहा?
वक्फ बिल पेश करते हुए केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि 2013 में वक्फ में ऐसे बदलाव किए गए जिससे यह बदलाव जरूरी हो गया था. उन्होंने कहा कि वक्फ में तत्कालीन यूपीए सरकार ने ऐसे बदलाव किए कि मौजूदा संसद तक पर वक्फ ने दावा किया था. अगर मोदी सरकार न आती तो बहुत संभव है कि डिनोटिफाई की गई बाकी संपत्तियों की तरह संसद की यह भूमि भी होती.
कांग्रेस की तरफ से गौरव गोगोई, मोहम्मद जावेद,इमरान मसूद पार्टी का पक्ष रखेंगे. वहीं समाजवादी पार्टी की तरफ से अखिलेश यादव, मोहिबुल्लाह नदवी, इकरा हसन पार्टी का पक्ष रखेगी. एनडीए के घटक दलों में लोजपा से अरुण भारती, जदयू से लल्लन सिंह पार्टी का पक्ष सदन में रखेंगे.
वक्फ संशोधन बिल के पेश करने पर केसी वेणुगोपाल ने सवाल उठाया. इस पर स्पीकर बिरला ने कहा कि सभी गैर सरकारी और सरकारी संशोधन प्रस्ताव, दोनों को बराबर का समय दिया है. उन्होंने कहा कि दोनों में कोई भेदभाव नहीं किया गया है.
अमित शाह ने कहा कि बिल संयुक्त संसदीय समिति को गया था. विपक्ष की भी यही मांग थी. कमिटी के सुझाव कैबिनेट के पास गए. भारत सरकार ने इसे स्वीकार किया. संशोधन के रूप में किरेन रिजिजू लेकर आए हैं. कैबिनेट के अनुमोदन के बिना कोई भी संसोधन बिल में शामिल नहीं किए गए हैं. कमिटी ने कोई बदलाव ही नहीं करने थे, तो यह कांग्रेस के जमाने की कमिटी नहीं है. अगर कमिटी ने कोई विचार ही नहीं करने हैं, तो फिर कमिटी किस बात की है.
किस दल से कौन बोलेगा, देखें पूरी लिस्ट
ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने भी बिल की आलोचना की है. उन्होंने कहा, “सरकार को जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी के सुझावों को गंभीरता से लेना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. यह बिल वक्फ की संपत्तियों को नष्ट करने की साजिश है.
रणनीति बनाने के लिए ‘इंडिया’ गठबंधन ने की बैठक
विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ ने मंगलवार को एकजुटता दिखाते हुए संसद में वक्फ (संशोधन) विधेयक का विरोध करने के लिए संयुक्त रणनीति पर चर्चा की. इस विधेयक को चर्चा और पारित कराने के लिए पहले लोकसभा में लाया जाएगा. विपक्षी दलों ने संसद भवन में बैठक की, जिसमें इस विवादास्पद विधेयक को लेकर रणनीति पर चर्चा की गई. बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और केसी वेणुगोपाल, समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव, राकांपा नेता सुप्रिया सुले, तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी और आप के संजय सिंह शामिल हुए.
(इस कॉपी को लगातार अपडेट किया जा रहा है)
NDTV India – Latest