ग्लोबल इकॉनमिस्ट मिताली निकोरे ने एनडीटीवी के साथ बात करते हुए कहा कि ट्रंप ने जिन देशों पर टैरिफ लगाया है, उनमें से कई दुनिया के सबसे गरीब देश शामिल हैं. म्यांमार जैसे देश पर 45 प्रतिशत टैरिफ लगाने का क्या अर्थ है?
अमेरिकी प्रशासन ने दुनिया के तमाम देशों के खिलाफ रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने की घोषणा की है. वियतनाम पर 47 प्रतिशत का टैरिफ लगाया गया है, जबकि म्यांमार जैसे देशों पर 45 प्रतिशत तक टैरिफ थोपा गया है. इस कदम को कई विशेषज्ञ चीन के लिए एक अप्रत्यक्ष संकेत के रूप में देख रहे हैं.
ग्लोबल इकॉनमिस्ट मिताली निकोरे ने एनडीटीवी के साथ बात करते हुए कहा कि ट्रंप ने जिन देशों पर टैरिफ लगाया है, उनमें से कई दुनिया के सबसे गरीब देश शामिल हैं. म्यांमार जैसे देश पर 45 प्रतिशत टैरिफ लगाने का क्या अर्थ है? उन्होंने कहा कि एक अर्थशास्त्री के तौर पर मुझे इसका कोई लॉजिक समझ में नहीं आता. निकोरे का मानना है कि इस तरह के कदम न केवल इन देशों की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकते हैं, बल्कि वैश्विक व्यापार संतुलन को भी प्रभावित कर सकते हैं.
वियतनाम पर लगाया गया 47 प्रतिशत का टैरिफ की बेहद चर्चा हो रही है. पिछले कुछ वर्षों में वियतनाम पूर्वी एशिया में एक प्रमुख विनिर्माण केंद्र के रूप में उभरा है. इसका एक बड़ा कारण यह है कि चीन ने अपनी कई उत्पादन इकाइयों को वियतनाम और अन्य पड़ोसी देशों में स्थानांतरित किया है, ताकि अमेरिका के साथ अपने व्यापार युद्ध के प्रभाव को कम किया जा सके. विशेषज्ञों का मानना है कि वियतनाम पर टैरिफ लगाकर अमेरिका अप्रत्यक्ष रूप से चीन को यह संदेश देना चाहता है कि वह इस रणनीति को बर्दाश्त नहीं करेगा.
चीन ने पिछले एक दशक में वियतनाम में बड़े पैमाने पर निवेश किया है. सस्ते श्रम और अनुकूल व्यापारिक माहौल के कारण कई चीनी कंपनियों ने अपने कारखाने वियतनाम में स्थापित किए हैं, जहां से वे अमेरिकी बाजार में माल निर्यात करती हैं. ट्रंप प्रशासन का यह कदम संभवतः इस आपूर्ति श्रृंखला को बाधित करने की कोशिश है.
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