संभल हिंसा को एक साल हो चुका है. अब संभल सिर्फ कानून-व्यवस्था की कसौटी नहीं बल्कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तीसरी पारी की राजनीति में एक प्रतीक बनकर उभर रहा है. हिंसा के बाद संभल चाय की दुकानों से लेकर विधानसभा और संसद तक चर्चा का हिस्सा बना रहा. संभल हिंसा को एक साल हो चुका है. अब संभल सिर्फ कानून-व्यवस्था की कसौटी नहीं बल्कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तीसरी पारी की राजनीति में एक प्रतीक बनकर उभर रहा है. हिंसा के बाद संभल चाय की दुकानों से लेकर विधानसभा और संसद तक चर्चा का हिस्सा बना रहा. NDTV India – Latest
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