यूजीसी के इन नए नियमों ने समाज को दो ध्रुवों में बांट दिया है. एक तरफ सरकार इसे शैक्षणिक संस्थानों में समानता लाने वाला कदम बता रही है, वहीं दूसरी तरफ सवर्ण संगठनों ने इसे अस्तित्व की लड़ाई बना लिया है. यूजीसी के इन नए नियमों ने समाज को दो ध्रुवों में बांट दिया है. एक तरफ सरकार इसे शैक्षणिक संस्थानों में समानता लाने वाला कदम बता रही है, वहीं दूसरी तरफ सवर्ण संगठनों ने इसे अस्तित्व की लड़ाई बना लिया है. NDTV India – Latest
More Stories
देव आनंद का दिया एक मौका बना इस बच्चे के लिए आशीर्वाद, बने बॉलीवुड के सुपरस्टार, आज बेटी भी है टॉप एक्ट्रेस
90s के बच्चों के लिए डर का दूसरा नाम था ये हॉरर शो, हर वीकेंड टीवी पर देता था दस्तक, बैकग्राउंड म्यूजिक से कांप जाती थी रूह
कोलकाता एयरपोर्ट पर अगरतला जा रही इंडिगो फ्लाइट पर गिरी आकाशीय बिजली, बाल-बाल बचे यात्री