NALSAR दीक्षांत समारोह में तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी, तेलंगाना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हैदराबाद में नेशनल एकेडमी ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च (NALSAR) के 21वें वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित किया. समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि, मैं NALSAR, इसके पूर्व छात्रों सहित, से आग्रह करता हूं कि वे सभी हितधारकों का समर्थन प्राप्त करें और महिला अधिवक्ताओं और कानून के छात्रों का एक राष्ट्रव्यापी नेटवर्क स्थापित करने में मदद करें. राष्ट्रपति ने कहा, “नेटवर्क महिलाओं के विरुद्ध अत्याचारों को रोकने तथा ऐसे अत्याचारों के मामलों से निपटने के लिए ठोस प्रयास करने के लिए कार्य करेगा.”
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, दुर्भाग्य से, एक गरीब व्यक्ति को अमीर व्यक्ति के समान न्याय नहीं मिल पाता है. इस अनुचित स्थिति को बेहतर के लिए बदलना होगा. हमारे जैसे महान देश के लिए, इतिहास की समझ राष्ट्रीय गौरव और आकांक्षाओं को जगाती है. संविधान सभा में अपने समापन भाषण में डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने प्राचीन भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं और प्रथाओं पर प्रकाश डाला था. राष्ट्रपति ने छात्रों से कहा कि वे कानूनी पेशेवर के रूप में कोई भी भूमिका चुन सकते हैं, लेकिन उन्हें हमेशा ईमानदारी और साहस के मूल्यों पर कायम रहना चाहिए.
NALSAR दीक्षांत समारोह में तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी, तेलंगाना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे.
बेगमपेट हवाई अड्डे पर राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उनके कैबिनेट सहयोगियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने राष्ट्रपति का गर्मजोशी से स्वागत किया था.
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