EPFO Minimum Pension Increase: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, EPFO फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के लिए EPF की ब्याज दर 8% से 8.25% के बीच रख सकता है.
EPFO Minimum Pension Hike: प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए EPFO के तहत न्यूनतम पेंशन बढ़ाने (Minimum Pension Hike) की मांग लंबे समय से की जा रही है. साल 2014 के सितंबर महीने में, केंद्र सरकार ने EPFO द्वारा चलाई जाने वाली Employees’ Pension Scheme (EPS) के तहत कवर किए गए पेंशनभोगियों के लिए 1,000 रुपये प्रति माह की न्यूनतम पेंशन की घोषणा की थी.
EPF के तहत एम्प्लॉई, अपनी बेसिक सैलरी का 12 फीसदी प्रोविडेंट फंड में जमा करते हैं, जबकि कंपनियों को भी इतनी ही राशि का योगदान करना होता है. कंपनी की तरफ से जमा की जाने वाली रकम का 8.33% हिस्सा EPS में और 3.67 % हिस्सा EPF अकाउंट में जाता है.
EPFO मेंबर्स की क्या है मांग?
पेंशनभोगियों के निकाय EPS-95 आंदोलन समिति (pensioners’ body EPS-95 Agitation Committee) ने कहा है कि केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया (Mansukh Mandaviya) ने EPS-95 के तहत न्यूनतम पेंशन सहित उनकी मांगों पर समय पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है.पेंशनभोगियों के निकाय के एक बयान में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने देशभर में ईपीएफओ (EPFO) के तहत आने वाले 78 लाख से ज्यादा पेंशनभोगियों की लंबे समय से की जारी मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया है.
बयान के मुताबिक, अलग-अलग मांगों में न्यूनतम EPS पेंशन के अलावा, पेंशनभोगियों के निकाय (pensioners’ body) ने न्यूनतम पेंशन में बढ़ोतरी, रिटायर्ड लोगों और उनके जीवनसाथी के लिए मुफ्त चिकित्सा सुविधाएं (Free medical facilities) और हायर पेंशन बेनिफिट (Higher Pension Benefits)के लिए आवेदनों में गलतियों को सुधारने की मांग की है.
इसके आगे बयान में कहा गया कि मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को इन मुद्दों के जल्द समाधान का भरोसा दिया है.EPS-95 राष्ट्रीय आंदोलन समिति (National Agitation Committee – NAC), जो कई सालों से पेंशनभोगियों के अधिकारों के लिए लड़ रही है, ने कहा कि केंद्र के साथ हाल ही में हुई चर्चा के बाद उम्मीद जगी है कि EPS-95 के तहत न्यूनतम पेंशन में 10 सालों के बाद आखिरकार संशोधन होगा.
क्या 2025 में बढ़ेगी न्यूनतम पेंशन?
बजट 2025 से पहले, EPS-95 रिटायर्ड कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) से मुलाकात की और न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर 7,500 रुपये प्रति माह करने के साथ-साथ महंगाई भत्ता (Dearness Allowance – DA) जोड़ने की मांग फिर से दोहराई. EPS-95 राष्ट्रीय आंदोलन समिति के मुताबिक, वित्त मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को इस बात का आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर गौर किया जाएगा.
पिछले 7-8 सालों से पेंशनर्स लगातार अपनी पेंशन में बढ़ोतरी की मांग कर रहे है. वे चाहते हैं कि DA के बेनिफिट के साथ मौजूदा 1,000 रुपये की पेंशन को बढ़ाकर 7,500 रुपये कर दिया जाए. इसके अलावा वे रिटायर्ड कर्मचारियों और उनके जीवन साथियों के लिए मुफ्त चिकित्सा सुविधा (Free Medical Facilities) भी चाहते है.
EPFO की अगली बैठक में क्या होगा?
EPFO के CBT (Central Board of Trustees) की बैठक 28 फरवरी 2025 को होने वाली है, जिसमें फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के लिए प्रोविडेंट फंड डिपॉजिट पर ब्याज दर तय की जाएगी. हालांकि इस बैठक में मुख्य तौर पर ब्याज दर पर चर्चा की जाएगी, लेकिन पेंशन बढ़ोतरी का मुद्दा भी इस बैठक में अहम हो सकता है.
लंबे समय से EPF में कॉन्ट्रीब्यूट कर रहे पेंशनर्स और सोशल वर्कर्स मौजूदा पेंशन अमाउंट को नाकाफी बता रहे हैं. उनका कहना है कि मौजूदा महंगाई और बढ़ते मेडिकल खर्चों को देखते हुए हर महीने मिलने वाली 1,000 रुपये की न्यूनतम पेंशन बहुत कम है. सरकार पर पेंशन बढ़ाने की लंबे समय से की जा रही इस मांग को पूरा करने का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है. अब सभी की नजर अगली CBT बैठक पर हैं, जिसमें पेंशन बढ़ाने को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है.
क्या EPFO पर लागू होगी स्थिर ब्याज दर?
सरकार EPFO अकाउंट होल्डर्स के लिए स्थिर ब्याज दर योजना लागू करने पर विचार कर रही है, ताकि शेयर मार्केट में उतार-चढ़ाव के बावजूद उन्हें फिक्स्ड रिटर्न मिल सके.
क्या सरकार इंटरेस्ट स्टेबलाइजेशन फंड बनाएगी?
इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार EPFO के लिए इंटरेस्ट स्टेब्लाइजेशन रिजर्व फंड बनाने की योजना पर विचार कर रही है. इसका मकसद यह है कि अकाउंट होल्डर्स को स्थिर ब्याज दर मिलती रहे चाहे इन्वेस्टमेंट परफॉर्मेंस कैसी भी हो. श्रम एवं रोजगार मंत्रालय इस प्रस्ताव की व्यवहार्यता यानी फिजिबिलिटी (Feasibility) का अध्ययन कर रहा है.
2024-25 के लिए EPF की ब्याज दर क्या होगी?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, EPFO फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के लिए EPF की ब्याज दर 8% से 8.25% के बीच रख सकता है.
CBT बैठक में क्या बड़े फैसले लिए जाने की उम्मीद?
केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री की अध्यक्षता वाला EPFO का Central Board of Trustees (CBT) संगठन का सर्वोच्च निर्णय लेने वाला निकाय (highest decision-making body) है. इसमें इम्प्लॉयर एसोसिएशन (employer associations), ट्रेड यूनियन (trade unions) और केंद्र व राज्य सरकारों के अधिकारी शामिल हैं.
ब्याज दर निर्धारित करने की प्रक्रिया इस तरह होती है:
EPFO ब्याज दर का प्रस्ताव रखता है.CBT इस प्रस्ताव की समीक्षा करता है और फिर इसे मंजूरी देती है.इसके बाद इसे वित्त मंत्रालय से अंतिम मंजूरी मिलती है.मंजूरी मिलने के बाद यह ब्याज EPFO अकाउंट होल्डर्स के खाते में जमा कर दिया जाता है.
2023-24 के लिए EPF की ब्याज दर
फाइनेंशियल ईयर 2023-24 के लिए, EPFO ने ब्याज दर 2022-23 में 8.15% से संशोधित करते हुए 8.25% तय की थी. अगली CBT बैठक में तय होगा कि ब्याज दर में कोई बदलाव किया जाएगा या नहीं.यह बैठक EPFO अकाउंट होल्डर्स के लिए काफी अहम साबित हो सकती है, इसलिए सबकी निगाहें इस बैठक पर टिकी हैं, जिसमें प्रोविडेंट फंड से संबंधित अहम घोषणाएं हो सकती हैं.
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