श्मिट ने एक पोस्ट में कहा कि अमेरिकी कामगारों को इस तरह की ‘धांधली भरी व्यवस्था’ से मुकाबला नहीं करना चाहिए. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विदेशी छात्र, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय शामिल हैं, करदाताओं की मदद से वर्क परमिट पाते हैं और बाद में एच-1बी वीजा और ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करते हैं. श्मिट ने एक पोस्ट में कहा कि अमेरिकी कामगारों को इस तरह की ‘धांधली भरी व्यवस्था’ से मुकाबला नहीं करना चाहिए. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विदेशी छात्र, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय शामिल हैं, करदाताओं की मदद से वर्क परमिट पाते हैं और बाद में एच-1बी वीजा और ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करते हैं. NDTV India – Latest