प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार, 4 अप्रैल को थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में बिम्सटेक शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे. यहां उनसे क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने में भारत की भूमिका को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण घोषणाएं करने की उम्मीद है.
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार, 4 अप्रैल को थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में बिम्सटेक शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे. यहां उनसे क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने में भारत की भूमिका को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण घोषणाएं करने की उम्मीद है. बिम्सटेक के संस्थापक सदस्यों के रूप में, भारत और थाईलैंड के बीच सहयोग का एक लंबा इतिहास रहा है. पीएम मोदी ने 2016 में बिम्सटेक नेताओं की रिट्रीट की मेजबानी करके बिम्सटेक एजेंडे को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
चलिए यहां हम जानते हैं कि कैसे पीएम मोदी ने दक्षिण एशिया और दक्षिण पूर्व एशिया के 7 देशों के अंतर्राष्ट्रीय संगठन बिम्सटेक को पुनर्जीवित किया और इसे एक जीवंत मंच बनाने में मदद की है.
पीएम मोदी की लीडरशिप और बिम्सटेक को मिली नई गति
भले ही बिम्सटेक की स्थापना 1997 में हुई थी, लेकिन समूह को असली गति 2016 के बाद मिली. पीएम मोदी ने 2016 में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मौके पर गोवा में लीडर्स रिट्रीट के लिए बिम्सटेक देशों को आमंत्रित करने की विशेष पहल की. इसके बाद, उन्होंने समूह के आगे बढ़ाने, मजबूती देने और इसके माध्यम से बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में क्षेत्रीय सहयोग पर व्यक्तिगत और विशेष ध्यान दिया है. 2019 में उन्होंने अपने शपथ ग्रहण समारोह के लिए बिम्सटेक नेताओं को आमंत्रित किया था.
खास बात है कि बिम्सटेक समूह अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए भारत के नेतृत्व पर निर्भर है. भारत के नेतृत्व के साथ, नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी, एक्ट ईस्ट पॉलिसी, महासागर विजन और इंडो-पैसिफिक के लिए विजन पर पीएम का फोकस समूह को गतिशीलता देता है. भारत की बढ़ाई इन नीतियों को फॉलो करना इसके सदस्य देशों के लिए नई इनर्जी और लाभ पैदा करता है.
PM मोदी के साथ बिम्सटेक को मजबूत संस्थागत आधार मिल रहा
बिम्सटेक सचिवालय की स्थापना कुछ समय पहले की गई थी, लेकिन संस्थागत दृष्टिकोण से संगठन को वास्तविक बढ़त मई 2024 में इसके चार्टर को अपनाने के बाद मिला है. इस चार्टर ने इसे एक अंतरराष्ट्रीय व्यक्तित्व दिया है, इसके मार्गदर्शक सिद्धांतों और बुनियादी संस्थागत आधार को स्थापित किया है. भारत ने बहुपक्षीय मोर्चों पर काम करने के व्यापक अनुभव वाले राजनयिक इंद्र मणि पांडे को इसका महासचिव नियुक्त किया. इन डेवलपमेंट्स से समूह के काम में नई ऊर्जा, उद्देश्य और कार्रवाई आई है. भारत ने संस्थान और क्षमता निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया है. इसने इस उद्देश्य के लिए बिम्सटेक सचिवालय को 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर दिए हैं.
फिर भारत ने जुलाई 2024 में बिम्सटेक विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी की. इसने सितंबर 2024 में न्यूयॉर्क में UNGA से इतर बिम्सटेक विदेश मंत्रियों की एक अनौपचारिक बैठक की भी मेजबानी की.
बिम्सटेक एजेंडा का विस्तार
भारत के नेतृत्व में बिम्सटेक एजेंडा का कई गुना विस्तार हुआ है. बिम्सटेक के कार्य क्षेत्र को सात भागों में बांटा गया है, हर देश को एक फिल्ड को लीड करने का दायित्व दिया गया है. भारत सुरक्षा क्षेत्र में अग्रणी है. बांग्लादेश व्यापार, निवेश और विकास, भूटान पर्यावरण और जलवायु, म्यांमार कृषि और खाद्य सुरक्षा, पीपुल टू पीपुल का नेपाल, एस एंड टी और नवाचार श्रीलंका और आखिर में कनेक्टिविटी की जिम्मेदारी थाईलैंड को.
भारत का फोकस: दुनिया की भलाई के लिए क्षेत्रीय एकीकरण को बढ़ावा देना
सुरक्षा: भारत सुरक्षा स्तंभ का नेतृत्व करता है. इसने क्षेत्र में आतंकवाद, हिंसक उग्रवाद और अंतरराष्ट्रीय अपराधों से लड़ने के लिए मजबूत कानूनी ढांचा बनाने के लिए काम किया है.
कनेक्टिविटी: इसमें भौतिक, डिजिटल और ऊर्जा कनेक्टिविटी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है. भारत बेंगलुरु में बिम्सटेक ऊर्जा केंद्र की मेजबानी करता है. केंद्र बिम्सटेक क्षेत्रीय ग्रिड इंटर-कनेक्शन बनाने की दिशा में काम का कॉर्डिनेशन करता है. यह प्रधानमंत्री के ‘एक विश्व, एक सूर्य, एक ग्रिड’ दृष्टिकोण के अनुरूप है.
स्थिरता और आपदा प्रबंधन: भारत बिम्सटेक को वैश्विक स्थिरता एजेंडा में योगदान करने में मदद करने के लिए काम कर रहा है. भारत सदस्य देशों के बीच नियमित आपदा प्रबंधन अभ्यास आयोजित करता है. भारत नोएडा में मौसम और जलवायु के लिए बिम्सटेक केंद्र की भी मेजबानी करता है.
एक्शन में बिम्सटेक
भारत के नेतृत्व में बिम्सटेक ने लोगों के बीच संबंधों को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए गतिविधियों में तेजी देखी है. पीएम मोदी ने युवाओं को शामिल करने, संस्कृति को बढ़ावा देने और पर्यावरण के पोषण को उच्च प्राथमिकता दी है. बिम्सटेक में इन पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है. हाल की कुछ गतिविधियां हैं:
- फरवरी 2024 में दिल्ली में बिम्सटेक एक्वाटिक चैंपियनशिप
- अगस्त 2024 में दिल्ली में बिम्सटेक बिजनेस समिट
- नवंबर 2024 में कटक में बाली यात्रा में बिम्सटेक सांस्कृतिक मंडली की भागीदारी
- फरवरी 2025 में सूरजकुंड मेले में बिम्सटेक मंडप
- फरवरी 2025 में अहमदाबाद में बिम्सटेक युवा शिखर सम्मेलन
- BIMSTEC युवाओं ने फरवरी 2025 में दिल्ली में जलवायु परिवर्तन सम्मेलन का नेतृत्व किया
- BIMSTEC- इंडिया मरीन रिसर्च नेटवर्क फरवरी 2024 में लॉन्च किया गया
बैंकॉक में बिम्सटेक
2016 में गोवा में बिम्सटेक के लिए प्रधानमंत्री का निर्देश समूह के एजेंडे को आकार देता रहा है. गोवा रिट्रीट के दो निर्णयों का बैंकॉक में अनावरण किया जा रहा है – एक, बिम्सटेक विजन 2030 को अपनाना और बिम्सटेक एमिनेंट पर्सन ग्रुप की रिपोर्ट को अपनाना.
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