Stock Market Updates 2 April 2025: अमेरिका के रेसिप्रोकल टैरिफ का असर अभी पूरी तरह साफ नहीं है, लेकिन शुरुआती बढ़त के बावजूद, बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है.अगर टैरिफ से भारत पर सीधा असर पड़ता है, तो बाजार में और गिरावट आ सकती है.
Stock Market Opening Bell: भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार, 2 अप्रैल को हल्की बढ़त के साथ शुरुआत की. सेंसेक्स और निफ्टी 50 ने मंगलवार की भारी गिरावट के बाद मजबूती दिखाई. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 76,273.21 पर पहुंच गया, जिसमें 248.70 अंकों (0.33%) की बढ़त रही, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 23,221.00 पर ट्रेड कर रहा था, जिसमें 55.30 अंकों (0.24%) की बढ़त देखी गई.
बाजार में उतार-चढ़ाव रहेगा जारी
हालांकि, बाजार की यह मजबूती अस्थायी हो सकती है क्योंकि निवेशकों की नजर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित किए जाने वाले “रेसिप्रोकल टैरिफ” पर बनी हुई है. इस फैसले का असर भारत समेत दुनियाभर के बाजारों पर पड़ सकता है, जिससे आगे भी बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.
बीते दिन गिरावट से निवेशकों को भारी नुकसान
बीते दिन यानी मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखी गई. सेंसेक्स 1,390 अंकों की गिरावट के साथ 76,024.51 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 353.65 अंकों की गिरावट के साथ 23,165.70 पर आ गया. यह पिछले एक महीने में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट थी.
इस गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका द्वारा 2 अप्रैल से लागू किए जाने वाले रेसिप्रोकल टैरिफ को लेकर बनी अनिश्चितता थी. दुनियाभर के बाजार इस फैसले के असर का इंतजार कर रहे हैं, जिससे निवेशकों में घबराहट बढ़ गई और भारी बिकवाली देखने को मिली.
निवेशकों को 3.44 लाख करोड़ रुपये का नुकसान
शेयर बाजार में मंगलवार की भारी गिरावट के चलते निवेशकों को लगभग 3.44 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार मूल्यांकन गिरकर 4,09,43,588.06 करोड़ रुपये (4.78 लाख करोड़ डॉलर) रह गया.
सोमवार को ईद की छुट्टी के कारण बाजार बंद था, जबकि शुक्रवार को भी सेंसेक्स और निफ्टी में हल्की गिरावट देखी गई थी. हालांकि, बीते वित्त वर्ष 2024-25 में सेंसेक्स में 5.10% और निफ्टी में 5.34% की बढ़त दर्ज की गई थी.
बाजार पर बनी रहेगी नजर
अमेरिका के रेसिप्रोकल टैरिफ का असर अभी पूरी तरह साफ नहीं है, लेकिन निवेशकों को सतर्क रहना होगा. शुरुआती बढ़त के बावजूद, बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है.अगर टैरिफ से भारत पर सीधा असर पड़ता है, तो बाजार में और गिरावट आ सकती है. लेकिन अगर यह फैसला बाजार की उम्मीदों के मुताबिक आता है, तो निवेशकों को राहत मिल सकती है और बाजार में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है.
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