देश की आजादी के बाद गोविंद वल्लभ पंत ने उत्तर प्रदेश की कमान संभाली. बाद में सरदार वल्लभ भाई पटेल के निधन के बाद वो केंद्र सरकार में गृह मंत्री भी बने. गोविंद वल्लभ पंत जवाहर लाल नेहरू के करीबियों में से एक माने जाते हैं. ऐसे में उनके जीवनकाल में कई ऐसी घटनाएं हैं जो बेहद दिलचस्प है.
Month: August 2026
RRTS Corridor in Delhi NCR: दिल्ली से हरियाणा और राजस्थान के शहरों को जोड़ने वाले चार नमो भारत रूट तैयार होंगे. इसमें दिल्ली के सराय काले खां से पानीपत, सोनीपत, गुरुग्राम, मानेसर, बहादुरगढ़ जैसे जिलों के बाद राजस्थान में बहरोड़ और अलवर भी होंगे.
घर में मच्छर बहुत ज्यादा हो तो क्या करें? या आप मच्छर मारने की सबसे अच्छी दवा कौन सी है यह ढूंढ रहे हैं तो आपको बता दें कि मच्छरों का आतंक बारिश के मौसम में बढ़ गया है और बाजार की कोई भी दवा इन पर काम नहीं कर रही है. ऐसे में घर पर तैयार करें मच्छर किलर स्प्रे और लोशन. बस ये तीन चीजें ले आइए और बना लें मच्छर मार दवा.
यह गीतकार भले ही वे घर-घर में मशहूर न हो पाई हों, लेकिन बॉलीवुड संगीत पर गहरी छाप छोड़ी है. तीन दशक से भी ज्यादा समय बाद भी उनके गाने पुरानी यादें ताजा कर देते हैं.
सावन के महीने में शुरू हुई कांवड़ यात्रा को लेकर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है. इसके मुताबिक, 30 जुलाई से 11 अगस्त तक दिल्ली के जीटी करनाल रोड (NH44), आउटर रिंग रोड और सिंधु बॉर्डर सहित उत्तरी दिल्ली के कई प्रमुख रास्तों पर ट्रैफिक प्रभावित और डायवर्ट रहेगा. जाम से बचने के लिए सफर शुरू करने से यहां से हासिल करें प्रभावित सड़कों और वैकल्पिक रूटों की पूरी जानकारी.
फिल्म ‘साहिया’ की सेंसर प्रक्रिया में कथित देरी को लेकर इसके प्रोड्यूसर और डायरेक्टर संजय…
‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’, ‘कुछ कुछ होता है’, ‘जो जीता वही सिकंदर’, ‘फना’ और ‘हम…
सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि दक्षिण कश्मीर में हाल ही में हुई टारगेटेड किलिंग्स में लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर लतीफ भट और उसके साथी शामिल थे.
मानेसर से जयपुर (NH48) का सफर अब और आसान और तेज हो गया है. शाहजहांपुर टोल प्लाजा पर मल्टीलेन फ्री फ्लो (MLFF) बैरियरफ्री टोलिंग सिस्टम शुरू कर दिया गया है. FASTag और ANPR तकनीक से लैस इस सिस्टम के जरिए अब गाड़ियों को टोल प्लाजा पर बिना रुके सीधे गुजरने की सुविधा मिलेगी. जानिए यह नया सिस्टम कैसे काम करता है और यात्रियों को इससे क्या फायदे होंगे.
UP Police Medical Test : यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती में मेडिकल टेस्ट बेहद अहम होता है. फ्लैट फुट, नॉक नी और कलर ब्लाइंडनेस जैसी कुछ दिक्कतें मेडिकल में रिजेक्शन की वजह बन सकती हैं. जानिए डॉक्टर किन चीजों की जांच करते हैं और मेडिकल से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.