April 6, 2025

अमर हो गई ये कहानी! पति की मौत बर्दाश्त नहीं कर पाई पत्नी, एक ही चिता पर दोनों का अंतिम संस्कार​

उदयपुर जिले के झाड़ोल क्षेत्र के बदराणा गांव में एक बहुत ही भावुक घटना हुई है. यहां एक बुजुर्ग दंपती ने 52 साल तक साथ रहे, लेकिन महज आठ घंटे के भीतर दोनों ने दुनिया को अलविदा कह दिया

उदयपुर जिले के झाड़ोल क्षेत्र के बदराणा गांव में एक बहुत ही भावुक घटना हुई है. यहां एक बुजुर्ग दंपती ने 52 साल तक साथ रहे, लेकिन महज आठ घंटे के भीतर दोनों ने दुनिया को अलविदा कह दिया

उदयपुर के बदराणा गांव में एक बहुत ही दिलचस्प घटना घटी. यहां एक पति-पत्नी ने अपनी जिंदगी का हर पल एक साथ बिताया और बूढ़े होने के बाद भी अंत तक एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा. उनका प्यार और साथ इतना गहरा था कि उन्होंने एक-दूसरे को कभी छोड़ने का फैसला नहीं किया. कहते हैं जब किसी की शादी होती है तो सात जन्मों तक साथ रहने की कसम खाते हैं. ऐसा ही नजारा कुछ उदयपुर में भी दिखा जहां दोनों ने बूढ़े होने के बाद भी मरते दम तक एक दूसरे का साथ नहीं छोड़ा. आइए जानते हैं पूरी घटना क्या है?

आठ घंटे के भीतर ही पति-पत्नी ने साथ-साथ दुनिया को कहा अलविदा

उदयपुर जिले के झाड़ोल क्षेत्र के बदराणा गांव में एक बहुत ही भावुक घटना हुई है. यहां एक बुजुर्ग दंपती ने 52 साल तक साथ रहे, लेकिन महज आठ घंटे के भीतर दोनों ने दुनिया को अलविदा कह दिया. पहले पति का निधन हुआ और उसके कुछ ही घंटे बाद पत्नी भी चल बसीं. दोनों का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया, यानी उनकी अर्थी एक साथ उठी और एक ही चिता पर उनकी अंतिम विदाई की गई. जब ढोल-नगाड़ों की धुन पर उनकी अंतिम यात्रा निकली, तो पूरे गांव की आंखों में आंसू थे. यह एक बहुत ही गहरी और प्रेम भरी कहानी है.

पति के जाने का दुख नहीं कर पाई बर्दाश्त

गांव के रहने वाले सुखलाल लोहार (74 वर्ष) को कई सालों से अस्थमा (दमा) की बीमारी थी. हाल ही में उनकी तबीयत और भी खराब हो गई थी. परिवार ने उनका पूरा इलाज करवाया, लेकिन बुधवार रात 10:30 बजे उनकी मृत्यु हो गई. इस खबर से पूरे परिवार और गांव में दुख छा गया. सुखलाल की पत्नी पार्वती देवी (70 वर्ष), अपने पति के गुजर जाने का दुख सह नहीं पाई. वह कई घंटों तक बेहोश रही. परिवार ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन उनका दिल टूट चुका था. अगली सुबह 6:30 बजे उनकी भी मृत्यु हो गई.

लोगों का मानना है कि पति के जाने का गम पार्वती देवी से सहा नहीं गया.हाल ही में जब दोनों ने दुनिया को अलविदा कहा तो उनका एक साथ अंतिम संस्कार किया गया. ये देखकर सभी को उनकी गहरी प्रेम कहानी का एहसास हुआ. यह घटना दिखाती है कि जब एक बार प्यार सच्चा होता है, तो वो जीवन भर बना रहता है.

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