विश्वविद्यालय में डॉक्टरेट के छात्र रॉन शीनिन ने कहा, “एससीएनईटी सिंगल सेल सिक्वेंसिंग डेटा को नेटवर्क के साथ इंटीग्रेट करता है. यह मैप बताता है कि कई जीन एक दूसरे को कैसे प्रभावित और आपस में इंटरेक्ट कर सकते हैं.”
इजरायली शोधकर्ताओं ने एससीएनईटी विकसित किया है, एक AI उपकरण जो बताता है कि सेल्स बदलते बायोलॉजिकल एनवायरमेंट में कैसे व्यवहार करती हैं और दवाओं के प्रति उनका रिस्पॉन्स क्या होता है. सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, अवीव विश्वविद्यालय की टीम ने कहा कि वर्तमान अनुक्रमण तकनीकों के विपरीत, एससीएनईटी एकल-कोशिका जीन डेटा से छिपे हुए बायोलॉजिकल पैटर्न को निकाल जीन इंटरेक्शन नेटवर्क से जोड़ता है. एससीएनईटी ने बताया कि उसने कैंसर से लड़ने के लिए जरूरी इम्यूनिटी सेल्स पर सेंट्रलाइज्ड ट्रायल में पाया कि कैंसर ट्रीटमेंट ने ट्यूमर को मारने वाले सेल्स की क्षमता को बढ़ाया जो पहले जटिल डाटा के कारण मुमकिन नहीं था.
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विश्वविद्यालय में डॉक्टरेट के छात्र रॉन शीनिन ने कहा, “एससीएनईटी सिंगल सेल सिक्वेंसिंग डेटा को नेटवर्क के साथ इंटीग्रेट करता है. यह मैप बताता है कि कई जीन एक दूसरे को कैसे प्रभावित और आपस में इंटरेक्ट कर सकते हैं.”
शीनिन ने आगे बताया, “एससीएनईटी सैम्पल में मौजूदा सेल आबादी की ज्यादा सटीक पहचान करने में सक्षम बनाता है. इस प्रकार कई परिस्थितियों में जीन के सामान्य व्यवहार की जांच करना और उन जटिल तंत्रों को उजागर करना संभव है जो हेल्दी स्टेज या ट्रीटमेंट की प्रतिक्रिया को दर्शाते हैं.”
अध्ययन में टीम ने टी सेल्स की आबादी पर ध्यान केंद्रित किया. शोधकर्ताओं ने नेचर जर्नल में प्रकाशित शोधपत्र में कहा, “एससीएनईटी ने इन टी सेल्स पर ट्रीटमेंट के प्रभावों का खुलासा किया और बताया कि कैसे वे ट्यूमर के खिलाफ अपनी साइटोटॉक्सिक एक्टिविटी में ज्यादा एक्टिव हो गए, कुछ ऐसा जो मूल डेटा में हाई लेवल के शोर के कारण पहले पता लगाना संभव नहीं था.”
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यह उपकरण ड्रग डेवलपमेंट में तेजी ला सकता है और रोग की समझ में सुधार कर सकता है. शोधकर्ताओं ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे एससीएनईटी जैसे एआई टूल कॉम्प्लेक्स सेल्स बिहेवियर को डिकोड करने और टारगेट थेरेपी को डिजाइन करने में मदद कर सकते हैं.
शोधकर्ताओं ने कहा, “यह एक बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे एआई टूल बायोलॉजिकल और मेडिकल डेटा को समझने में मदद कर सकते हैं, जिससे हमें नई और बड़ी जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलती है.”
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