पीएम मोदी (PM Modi) ने 2019 में पंबन ब्रिज का शिलान्यास किया था, और 5 साल में यह समुद्र के ऊपर बनकर तैयार हो गया है. अब वे इसका उद्घाटन करने जा रहे हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज तमिलनाडु का दौरा करेंगे. रामनवमी के अवसर पर, दोपहर 12 बजे पीएम मोदी भारत के पहले वर्टिकल लिफ्ट समुद्री पुल ‘नए पंबन रेल पुल’ का उद्घाटन करेंगे. वह सड़क पुल से एक ट्रेन और एक जहाज को हरी झंडी दिखाएंगे. साथ ही पुल के संचालन को देखेंगे. इसके बाद, दोपहर 12:45 बजे पीएम मोदी रामेश्वरम के रामनाथस्वामी मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे. दोपहर 1:30 बजे रामेश्वरम में ही वह तमिलनाडु में 8,300 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न रेल और सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे. इस अवसर पर वह एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे.”
पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “6 अप्रैल (रविवार) को रामनवमी के शुभ अवसर पर, मैं तमिलनाडु के अपने भाइयों और बहनों के बीच आने के लिए उत्साहित हूं. नये पंबन रेल ब्रिज का उद्घाटन किया जाएगा. मैं अरुलमिगु रामनाथस्वामी मंदिर में प्रार्थना करूंगा. 8300 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का उद्घाटन या शिलान्यास भी किया जाएगा.”
Tomorrow, 6th April, on the very auspicious occasion of Ram Navami, I look forward to being among my sisters and brothers of Tamil Nadu. The new Pamban Rail Bridge will be inaugurated. I will pray at the Sri Arulmigu Ramanathaswamy Temple. Development works worth over Rs. 8300…
— Narendra Modi (@narendramodi) April 5, 2025
देश ने 10 सालों में कई ऊंचाइयां हासिल की: कुमार
रेलवे में सूचना एवं प्रचार के कार्यकारी निदेशक दिलीप कुमार ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में देश ने कई नई ऊंचाइयां हासिल की हैं. भारतीय रेल ने भी इस दौरान नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं. वंदे भारत, अमृत भारत और नमो भारत ट्रेनों ने देश को एक नया विकसित आयाम दिया है. कश्मीर तक सीधी रेल सेवा के लिए चिनाब और अंजी पुलों के निर्माण से देश का गौरव बढ़ा है.
इसी तरह, दक्षिण में रामेश्वरम को मुख्य भूमि से जोड़ने वाले नए पंबन ब्रिज से देश के बुनियादी ढांचे को नई पहचान मिली है. बड़ी परियोजनाओं के सफलतापूर्वक पूरा होने से यह साबित होता है कि देश का विकास सही दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. समुद्री लहरों की चुनौती को पार कर इस ब्रिज का निर्माण एक कठिन कार्य था.
पीएम मोदी ने 2019 में किया था शिलान्यास
ऐसे प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में आमतौर पर दशकों लग जाते हैं, जिससे लागत कई गुना बढ़ जाती है. लेकिन पीएम मोदी का स्पष्ट विजन कि जिन परियोजनाओं का वे शिलान्यास करते हैं, उनका उद्घाटन भी वही करेंगे, ने नौकरशाही और तकनीकी विशेषज्ञों को समय पर काम पूरा करने के लिए प्रेरित किया है.
पीएम मोदी ने 2019 में पंबन ब्रिज का शिलान्यास किया था, और 5 साल में यह समुद्र के ऊपर बनकर तैयार हो गया है. अब वे इसका उद्घाटन करने जा रहे हैं, जिससे पूरे देश में उत्साह है.
कई मायनों में खास है यह पुल
2.08 किलोमीटर लंबा यह ब्रिज कई मायनों में खास है. इसमें 18.3 मीटर के 99 स्पैन और 72.5 मीटर का एक वर्टिकल लिफ्ट स्पैन है. यह पुराने ब्रिज से 3 मीटर ऊंचा है, जिससे बड़े जहाज आसानी से गुजर सकेंगे. इसके ढांचे में 333 पाइल हैं, और यह इतना मजबूत बनाया गया है कि वर्षों तक रेल और समुद्री परिचालन सुरक्षित रहेगा. इसमें एंटी-कोरोजन तकनीक, पॉलीसिलॉक्सेन पेंट, उन्नत स्टेनलेस स्टील और फाइबर रिइंफोर्स्ड प्लास्टिक का उपयोग किया गया है, जिससे यह लंबे समय तक टिकाऊ रहेगा. इस ब्रिज के निर्माण ने भारत की डिजाइन और सर्टिफिकेशन में तकनीकी श्रेष्ठता को साबित किया है.
उन्होंने कहा कि अब पूरा विश्व जान गया है कि आईआईटी चेन्नई और आईआईटी बॉम्बे जैसी संस्थाएं समुद्री पुलों के डिजाइन जैसे चुनौतीपूर्ण कार्य को कुशलता से पूरा कर सकती हैं.
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