February 28, 2025
यूपी में 95 लाख लोगों ने खाई फाइलेरिया की दवा, बचे लोगों 4 मार्च तक देने का लक्ष्य, जानें क्या है Filariasis और इसके कारण

यूपी में 95 लाख लोगों ने खाई फाइलेरिया की दवा, बचे लोगों 4 मार्च तक देने का लक्ष्य, जानें क्या है Filariasis और इसके कारण​

राज्य कार्यक्रम अधिकारी फाइलेरिया डॉ. एके चौधरी के अनुसार, एमडीए राउंड 10 से 25 फरवरी तक प्रदेश के 14 जिलों के 45 ब्लॉक में चलाया गया, जिसमें कुल 1.10 करोड़ लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया. लक्ष्य के सापेक्ष 95.97 लाख लोगों को दवा खिलाई गई.

राज्य कार्यक्रम अधिकारी फाइलेरिया डॉ. एके चौधरी के अनुसार, एमडीए राउंड 10 से 25 फरवरी तक प्रदेश के 14 जिलों के 45 ब्लॉक में चलाया गया, जिसमें कुल 1.10 करोड़ लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया. लक्ष्य के सापेक्ष 95.97 लाख लोगों को दवा खिलाई गई.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए प्रदेश के 14 जिलों में चले मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान में 95.97 लाख लोगों ने दवा ली. वहीं, लक्षित 1.10 करोड़ में बचे लोगों को अब मापअप राउंड के दौरान 4 मार्च तक दवा दी जाएगी. अभियान की गंभीरता और सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस एमडीए राउंड में दवा खाने से इनकार करने वाले परिवारों की संख्या काफी कम देखने को मिली. राज्य कार्यक्रम अधिकारी फाइलेरिया डॉ. एके चौधरी के अनुसार, एमडीए राउंड 10 से 25 फरवरी तक प्रदेश के 14 जिलों के 45 ब्लॉक में चलाया गया, जिसमें कुल 1.10 करोड़ लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया. लक्ष्य के सापेक्ष 95.97 लाख लोगों को दवा खिलाई गई.

उन्होंने बताया कि शत-प्रतिशत लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाने के लिए एमडीए राउंड 27 फरवरी से 4 मार्च तक चलाया जाएगा ताकि जो लोग छूट गए हैं, उन्हें भी कवर किया जा सके.

यह भी पढ़ें:नसों पर जमे मोमी कोलेस्ट्रॉल को गायब करने के लिए कारगर घरेलू उपाय है लहसुन, इस तरीके से करना होगा सेवन

डॉ. चौधरी ने बताया कि देश-प्रदेश से साल 2027 तक फाइलेरिया उन्मूलन के लक्ष्य को छूने के लिए जरूरी है कि इसी साल एमडीए राउंड को खत्म किया जाए इसलिए शत-प्रतिशत लोगों तक पहुंचना जरूरी है. उन्होंने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों से मापअप राउंड में अति गंभीरता दिखाने के लिए और बचे प्रत्येक व्यक्ति को दवा खाने की अपील की है.

प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य पार्थ सारथी सेन शर्मा ने एमडीए अभियान की प्रगति पर संतोष जताते हुए कहा कि अब सभी जिले मापअप राउंड के दौरान प्रत्येक छूटे व्यक्ति तक पहुंचें और उसे फाइलेरियारोधी दवा खिलाएं. इसके लिए अन्य विभागों का भी सहयोग लें. सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि मापअप राउंड के दौरान मॉनिटरिंग प्रक्रिया को मजबूत करें. उन्होंने जनसामान्य से भी सहयोग की अपील की है, जिससे 2027 तक प्रदेश को फाइलेरिया मुक्त किया जा सके.

फाइलेरिया क्या है?

फाइलेरिया परजीवी कृमियों के कारण होता है. यह रोग मानव शरीर में लिम्फेटिक सिस्टम को प्रभावित करता है, जो शरीर के टिश्यू से एक्स्ट्रा लिक्विड को निकालने और इम्यून सिस्टम को बनाए रखने में बड़ी भूमिका निभाता है. फाइलेरिया न केवल शारीरिक विकृति का कारण बनता है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक रूप से भी विनाशकारी हो सकता है. प्रभावित व्यक्ति अक्सर सामाजिक भेदभाव और कलंक का शिकार होते हैं, जिससे उनकी मानसिक और इमोशनल वेलबीइंग पर गंभीर प्रभाव पड़ता है. शारीरिक अक्षमता के कारण वे काम करने और सामान्य जीवन जीने में असमर्थ हो जाते हैं, जिससे उनके परिवारों और समुदायों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है.

यह भी पढ़ें:रात को पानी में भिगोकर सुबह खा लें अंजीर, फिर जो होगा आप सोच भी नहीं सकते

फाइलेरिया के कारण

यह रोग मुख्यतः तीन प्रकार के धागेनुमा कृमियों (thread-like worms) के कारण होता है: वुचेरेरिया बैंक्रॉफ्टी (Wuchereria bancrofti), ब्रुगिया मलाई (Brugia malayi) और ब्रुगिया टिमोरी (Brugia timori). इनमें से वुचेरेरिया बैंक्रॉफ्टी सबसे व्यापक रूप से पाया जाता है. ये कृमि संक्रमित मच्छरों के काटने से मनुष्यों में प्रवेश करते हैं. जब एक संक्रमित मच्छर किसी व्यक्ति को काटता है, तो वह लार्वा (larvae) को ब्लड फ्लो में छोड़ देता है, जहां वे वयस्क कृमियों में विकसित होते हैं.

वयस्क कृमि लिम्फेटिक प्रणाली में रहते हैं और प्रजनन करते हैं, जिससे लाखों माइक्रोफिलारिया (microfilariae) निकलते हैं, जो ब्लड फ्लो में प्रसारित होते हैं. ये माइक्रोफिलारिया तब मच्छरों द्वारा ग्रहण किए जाते हैं जब वे संक्रमित व्यक्ति को काटते हैं, जिससे रोग का चक्र जारी रहता है.

फाइलेरिया के लक्षण (Symptoms of Filariasis)

बुखार, दर्द तथा प्रभावित शरीर के हिस्से में सूजन.अंगों, जननांगों या स्तनों में सूजन.व्यक्ति को प्रभावित क्षेत्र में असुविधा या दर्द का अनुभव.

Watch Video: डिलीवरी के बाद महिलाओं के शरीर में होते हैं ये बड़े बदलाव

NDTV India – Latest

Copyright © asianownews.com | Newsever by AF themes.