Waqf Amendment Bill 2025: शाहनवाज हुसैन ने कहा कि मुसलमानों के बीच डर और असमंजस की स्थिति पैदा करने की कोशिश की जा रही है. समस्तीपुर से पढ़िए अविनाश कुमार की रिपोर्ट…
Waqf Amendment Bill 2025:भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने शनिवार को समस्तीपुर बताया कि वक्फ अमेंडमेंट बिल पास होने पर उन्हें धमकी मिल रही है. उन्होंने धमकियां मिलने पर हैरानी जताते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर गालियां और धमकी देने से उनपर कोई असर नहीं होने वाला है. वो डरने वाले नहीं हैं. सच्ची बात करने से वो पीछे नहीं हटेंगे. सीएए पर भी भी उन्होंने सच्ची बात की थी. उस समय खूब विरोध हुआ था. आखिर हुआ क्या? किसी की नागरिकता गई. अब इसी तरह वक्फ पर भ्रम फैलाया जा रहा है. लोकसभा और राज्यसभा में पेश वक्फ अमेंडमेंट बिल मुसलमानों के हित में है. विपक्ष इस बिल को लेकर लोगों को गुमराह कर रहा है.
शाहनवाज हुसैन ने वक्फ पर क्या कहा

शाहनवाज हुसैन ने कहा कि मुसलमानों के बीच डर और असमंजस की स्थिति पैदा करने की कोशिश की जा रही है. इसलिए मुसलमानों को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह बिल उनके ही लाभ के लिए है. इस बिल से गरीब मुसलमानों को आर्थिक फायदा होगा और उनकी स्थिति में सुधार आएगा. वक्फ बोर्ड में जहां भ्रष्टाचार था, अब वह समाप्त होगा. इस बिल के बाद वक्फ संपत्तियों का सही तरीके से उपयोग होगा, जिससे मुसलमानों को आर्थिक दृष्टि से लाभ होगा.
तारिक अनवर ने बीजेपी के सहयोगियों को घेरा
उधर, बिहार के कटिहार के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री तारिक अनवर ने शनिवार को कहा कि जदयू, लोजपा (रामविलास) और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) पार्टी पर तंज कसा. उन्होंने कहा कि ये पार्टियां भाजपा की सांप्रदायिक राजनीति की राह पर चल रही हैं. तारिक अनवर ने कहा कि भाजपा का साथ देकर इन दलों ने न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों की अवहेलना की है, बल्कि बिहार की गंगा-जमुनी तहजीब पर भी चोट की है.
रविशंकर प्रसाद ने बताया वक्फ संशोधन क्यों जरूरी

वहीं पूर्व कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने NDTV से खास बातचीत में बताया कि कांग्रेस पार्टी बार-बार हारकर भी वोटबैंक के मकड़जाल में फंसी हुई है. देश बदल रहा है इसीलिए वक्फ में सुधार भी जरूरी है. महिलाओं के लिए, बच्चियों के लिए, बेटों के लिए, विधवाओं के लिए और पिछड़े मुस्लिमों के लिए ये सुधार बहुत जरूरी हैं. ये सवाल न इबादत का है, न मस्जिद का, न कब्रिस्तान का और न ही मंदिर का है. सवाल सब ये है कि वक्फ की संपत्ति के मैनेजर काम ठीक से कर रहे हैं या अपना पेट भर रहे हैं.
पिछड़े हुए पसमांदा मुस्लिमों, जिनकी कोई सुनवाई नहीं हुई, अगर उनके लिए सरकार कुछ कर रही है तो इसमें क्या असंवैधानिक है. रविशंकर प्रसाद ने सवाल उठाते हुए पूछा कि 8 लाख वक्फ की संपत्ति पर क्या एक भी स्कूल या कॉलेज या मेडिकल कॉलेज, अस्पताल, स्किलिंग सेंटर, बच्चियों के लिए कड़ाई-बुनाई सेंटर बना है. इस जमीन पर कितने मॉल और फाइव स्टार होटल खड़े हुए हैं, ये सब जानते हैं. उन्होंने साफ किया कि ये बिल महिलाओं, गरीबों और पिछड़े मुस्लिमों के हित में लाया गया है.
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