Gold Price Hike: डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ ऐलान के बाद बाजारों में भारी हलचल है. निवेशकों ने जोखिम भरे एसेट्स से पैसा निकालकर गोल्ड की ओर रुख किया, जिससे सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए रेसिप्रोकल टैरिफ (Reciprocal Tariff) ऐलान के बाद गोल्ड की कीमतों (Gold Prices) में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है. निवेशकों ने शेयर बाजारों की गिरावट के बीच सुरक्षित निवेश (Safe-haven Investment) के तौर पर गोल्ड की ओर रुख किया, जिससे इसकी कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं.
बुधवार को गोल्ड की ग्लोबल कीमत 0.29% बढ़कर $3,133.03 प्रति औंस पर पहुंच गई. वहीं, गोल्ड फ्यूचर्स $3,189.40 प्रति औंस तक उछल गया. भारत के मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में भी गोल्ड फ्यूचर्स की कीमत 90,764 रुपये प्रति 10 ग्राम रही, जो अगले सेशन में और ऊपर जाने की संभावना है.
ट्रंप के ऐलान से बाजारों में गिरावट, सोने की बढ़ी मांग
ट्रंप ने अमेरिकी निर्यात पर टैक्स लगाने वाले देशों पर जवाबी टैरिफ (Reciprocal Tariff) लागू करने की घोषणा की है. इसके अलावा, गाड़ियों और ऑटो पार्ट्स के इंपोर्ट पर 25% टैरिफ भी लगाया जा रहा है. इस फैसले के बाद, दुनियाभर के बाजारों में भारी गिरावट देखी गई, जिससे निवेशकों का भरोसा सोने की तरफ बढ़ा.
सोने के दाम कहां तक जा सकते हैं?
ट्रंप के ऐलान से पहले ही सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर थीं. COMEX पर गोल्ड फ्यूचर्स मंगलवार को $3,177 प्रति औंस तक पहुंच गया था. MCX पर भी 91,400 रुपये प्रति 10 ग्राम की नई ऊंचाई देखने को मिली.
कोटक सिक्योरिटीज लिमिटेड में कमोडिटी रिसर्च की असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट कायनात चैनवाला का कहना है कि अगर ट्रंप के टैरिफ का असर बाजारों पर लंबे समय तक बना रहा, तो सोने की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं. आने वाले हफ्तों में COMEX पर गोल्ड $3,180 प्रति औंस और MCX पर 92,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है.
गोल्ड की कीमतें बना सकती हैं नए रिकॉर्ड
कुछ एक्सपर्ट के मुताबिक, अगर ट्रेड वॉर और तेज हुआ और वैश्विक बाजारों में गिरावट जारी रही और ट्रेड टेंशन बढ़ी, तो गोल्ड की कीमतें नए रिकॉर्ड बना सकती हैं. अगले कुछ महीनों में गोल्ड 3,300 डॉलर प्रति औंस तक भी जा सकता है. भारत में भी MCX पर 95,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है.
क्यों बढ़ रही सोने की मांग?
टैरिफ वॉर (Tariff War) और वैश्विक अनिश्चितता के दौर में गोल्ड सबसे सुरक्षित निवेश (Safe haven asset)विकल्प माना जाता है. जब भी बाजार में गिरावट आती है, निवेशक शेयर मार्केट से पैसा निकालकर सोने में लगाते हैं. यही वजह है कि इस बार भी सोने की मांग तेजी से बढ़ी है.
डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ ऐलान के बाद बाजारों में भारी हलचल है. निवेशकों ने जोखिम भरे एसेट्स से पैसा निकालकर गोल्ड की ओर रुख किया, जिससे सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं. आने वाले दिनों में बाजार की अस्थिरता जारी रही, तो गोल्ड के दाम और ऊपर जा सकते हैं.
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