यह पुरस्कार राष्ट्रीयता, नस्ल, भाषा, जाति, पंथ या लिंग की परवाह किए बिना सभी व्यक्तियों के लिए खुला है।
दिवाली पर माधुरी के जल गए थे बाल:अमिताभ के हाथ में फटा था बम, शाहरुख ने जैकेट से बुझाई आग; दिवाली सेलिब्रेशन में सेलेब्स के यादगार किस्से यह पुरस्कार राष्ट्रीयता, नस्ल, भाषा, जाति, पंथ या लिंग की परवाह किए बिना सभी व्यक्तियों के लिए खुला है।