November 8, 2026

उत्तर प्रदेश

ठाकुर बांके बिहारी जी महाराज गर्भगृह से निकलकर बाहर आ जाते हैं और लगातार पांच दिन तक बाहर ही रहकर रसिकों के साथ होली खेलते हैं।

महादेव शिव की यह अनोखी होली रंगभरी एकादशी के ठीक अगले दिन मनाने की परंपरा रही है। यह होली महाश्मशान मणिकर्णिका घाट पर खेली जाती है।

बाबा के गौना के लिए 151 किलो गुलाब का अबीर खासतौर से मथुरा से मंगाया गया है। इससे पहले बाबा की पालकी पर उड़ाने के लिए 51 किलो अबीर मथुरा से मंगाया जाता था।

कैबिनेट ने हाईकोर्ट के 15 मार्च के आदेश का अनुपालन करते हुए पंचायतों में आरक्षण के लिए आधार वर्ष (बेस ईयर) 1995 के बजाए 2015 को मानकर आरक्षण तय करने का निर्णय लिया था।

भगवान शिव का गंगा जल, दूध, दही, शहद, शक्कर, सफेद फूल, धतूरा, मदार, गन्ने का रस, शमी और बेलपत्र से अभिषेक करना चाहिए इससे सभी परेशानिया खत्म होती है

सरकार ने माना कि 1995 को आरक्षण रोटेशन को आधार वर्ष मानकर गलती हुई। जिसके बाद नये आरक्षण रोटेशन के लिए सरकार ने समय माँगा।

त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव के लिए सरकार ने आरक्षण नियमावली जारी करते हुए चक्रानुक्रम फार्मूले पर आरक्षित सीटें निश्चित करने का निर्णय लिया था।

भगवान शंकर की रजत मूर्ति को धारण कराया जाने वाला सेहरा सूखे मेवों से तैयार कराया गया है। माता गौरा के लिए गुजरात का गुलाबी लहंगा खासतौर से मंगाया गया है। बहुरंगी रेशमी धागों से की लहंगे पर कढ़ाई की गई है।

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