June 19, 2026

मालेगांव सीरियल ब्लास्ट: 20 साल, 3 जांच एजेंसियां और इंसाफ का ‘डेड एंड’, फ‍िर 31 मौतों का गुनहगार कौन?​

मालेगांव बम विस्फोट 2006 केस में बॉम्बे हाई कोर्ट ने अंतिम चार आरोपियों को भी आरोपमुक्त कर दिया है. कोर्ट ने जांच एजेंसियों (ATS और NIA) के बीच आपसी विरोधाभास और ठोस सबूतों की कमी पर चिंता जताते हुए इसे न्याय का "डेड एंड" करार दिया है. 20 साल की जांच के बाद भी 31 मौतों का कोई गुनहगार कानून की गिरफ्त में नहीं है.

मालेगांव बम विस्फोट 2006 केस में बॉम्बे हाई कोर्ट ने अंतिम चार आरोपियों को भी आरोपमुक्त कर दिया है. कोर्ट ने जांच एजेंसियों (ATS और NIA) के बीच आपसी विरोधाभास और ठोस सबूतों की कमी पर चिंता जताते हुए इसे न्याय का “डेड एंड” करार दिया है. 20 साल की जांच के बाद भी 31 मौतों का कोई गुनहगार कानून की गिरफ्त में नहीं है. मालेगांव बम विस्फोट 2006 केस में बॉम्बे हाई कोर्ट ने अंतिम चार आरोपियों को भी आरोपमुक्त कर दिया है. कोर्ट ने जांच एजेंसियों (ATS और NIA) के बीच आपसी विरोधाभास और ठोस सबूतों की कमी पर चिंता जताते हुए इसे न्याय का “डेड एंड” करार दिया है. 20 साल की जांच के बाद भी 31 मौतों का कोई गुनहगार कानून की गिरफ्त में नहीं है. NDTV India – Latest

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