परिजनों ने बताया की उनका बेटा कुछ दिनों के लिए दिल्ली गया था और फिर वह काफी समय से घर पर ही रह रहा था. अपने पिता के काम काज में हाथ बटाया करता था. वह नवमी क्लास का छात्र था और काफी शांत स्वभाव का वह युवक था. परिजनों ने बताया की उनका बेटा कुछ दिनों के लिए दिल्ली गया था और फिर वह काफी समय से घर पर ही रह रहा था. अपने पिता के काम काज में हाथ बटाया करता था. वह नवमी क्लास का छात्र था और काफी शांत स्वभाव का वह युवक था. NDTV India – Latest
More Stories
मार्केट का विलेन कौन? केवल ‘एक्सेंचर’ नहीं, ये हैं 4 और वजहें, जिनके चलते 2 घंटे में डूबे 1.3 लाख करोड़
45 साल पहले रिलीज होते ही बैन हो गई थी जितेंद्र की ये फिल्म, दोबारा आई तो तोड़ा ‘शोले’ का रिकॉर्ड
बिहार के SKMCH हॉस्पिटल में शराब पार्टी, मरीज वार्ड में भर्ती और पिता-भाई बनाने लगे पैग