ओम बिरला ने सम्मेलन में मौजूद विधानसभा अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों को याद दिलाया कि उनकी भूमिका केवल सदन की कार्यवाही संचालित करने तक सीमित नहीं है. वे संविधान के प्रहरी और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के रक्षक हैं. ओम बिरला ने सम्मेलन में मौजूद विधानसभा अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों को याद दिलाया कि उनकी भूमिका केवल सदन की कार्यवाही संचालित करने तक सीमित नहीं है. वे संविधान के प्रहरी और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के रक्षक हैं. NDTV India – Latest
More Stories
देव आनंद का दिया एक मौका बना इस बच्चे के लिए आशीर्वाद, बने बॉलीवुड के सुपरस्टार, आज बेटी भी है टॉप एक्ट्रेस
90s के बच्चों के लिए डर का दूसरा नाम था ये हॉरर शो, हर वीकेंड टीवी पर देता था दस्तक, बैकग्राउंड म्यूजिक से कांप जाती थी रूह
कोलकाता एयरपोर्ट पर अगरतला जा रही इंडिगो फ्लाइट पर गिरी आकाशीय बिजली, बाल-बाल बचे यात्री